गुरुवार, 24 मई, 2007 को 18:07 GMT तक के समाचार
सिख समुदाय के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए डेरा सच्चा सौदा की ओर से एक नया माफ़ीनामा तैयार किया जा रहा है. स्वामी अग्निवेश इसमें मध्यस्थता कर रहे हैं.
इसके लिए डेरा सच्चा सौदा की ओर से गुरुवार की शाम माफ़ीनामे का एक प्रारूप स्वामी अग्निवेश को भेजा गया.
जैसा कि स्वामी अग्निवेश ने बीबीसी को बताया, इस प्रारुप में कुछ फ़ेरबदल करके डेरा को भेज दिया गया है और अब डेरा इस संशोधित प्रारूप पर विचार कर रहा है.
स्वामी अग्निवेश सर्वधर्म संसद के मुखिया के रुप में इस विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं.
सिख समुदाय और डेरा सच्चा सौदा के बीच विवाद तब उठा था जब एक पंजाबी अख़बार में छपे विज्ञापन में हरियाणा स्थित आध्यात्मिक संगठन डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को कथित रुप से सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह की वेशभूषा पहने दिखाया गया था.
इस पर सिखों ने एतराज़ जताया था और डेरा प्रमुख से माफ़ी माँगने को कहा था.
महत्वपूर्ण है सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख़्त ने 'हुक्मनामा' जारी किया था कि पूरे राज्य में 27 मई तक डेरे बंद किए जाएँ.
मध्यस्थता
स्वामी अग्निवेश के अनुसार डेरा सच्चा सौदा ने सिरसा से गुरुवार की शाम सात बजे एक प्रारुप भेजा था.
उन्होंने बीबीसी को बताया कि इस प्रारुप पर सर्वधर्म संसद के सदस्यों ने विचार किया और कुछ शब्दों में संशोधन करके इसे डेरा को वापस भेज दिया गया है.
उनका कहना है कि अब डेरा इस पर विचार करके सर्वधर्म संसद को वापस भेजेगा तो इसे अकाल तख़्त को भेजा जाएगा और अपील की जाएगी कि वे इसे स्वीकार करें और डेरे बंद करने के अपने आदेश वापस ले लें.
स्वामी अग्निवेश ने इस प्रारुप का विवरण देने से इनकार करते हुए कहा है कि डेरा जब तक संशोधित प्रारुप को स्वीकार नहीं कर लेता, वे कुछ भी नहीं कह सकेंगे.
उन्होंने समझौता हो जाने के सवाल पर कहा, "अभी हम यह कहने की स्थिति में नहीं हैं कि दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता हो गया है."
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि राज्य में हर हाल में शांति और सदभाव क़ायम रखा जाएगा.
समाचार एजेंसियों के अनुसार मुख्यमंत्री बादल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया, "ये मुद्दा आपसी सहमति से ही हल होना चाहिए. राज्य सरकार इसे हल करने और शांति कायम करने की हर संभव कोशिश कर रही है."
बादल ने अकाली दल के सांसदों, विधायकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में ये आश्वासन दिया.