बुधवार, 23 मई, 2007 को 13:20 GMT तक के समाचार
ज़ुबैर अहमद
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
मुंबई की एक सत्र अदालत ने माफ़िया सरगना दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर की अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी नामंजूर कर दी है.
अदालत ने हसीना को गुरुवार सुबह 11 बजे तक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की उसी अदालत में हाज़िर होने को कहा है, जिसने उनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किए थे.
पुलिस ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि हसीना को गुरुवार सुबह की मियाद ख़त्म होने तक गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा.
लेकिन अगर वह कोर्ट के सामने हाज़िर नहीं हुईं तो पुलिस उन्हें गिरफ़्तार कर सकती है.
हसीना पर जबरन वसूली, धोखाधड़ी और एक बिल्डर को धमकाने का आरोप है.
इस बीच, हसीना के बॉडीगार्ड यानी अंगरक्षक को एक बिल्डर को धमकाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.
अदालत ने उन्हें 30 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
हसीना गिरफ़्तारी से बचने के लिए मंगलवार की शाम को अदालत में हाज़िर हुई थी, लेकिन अदालत का समय पूरा हो जाने के कारण उन्हें बुधवार की सुबह अदालत में उपस्थित होने को कहा गया था.