सोमवार, 21 मई, 2007 को 04:19 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश में नवगठित विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत विवादों से हुई. राज्यपाल ने पूर्व सरकार को असंवैधानिक कहा जिस पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने सख़्त एतराज़ जताया.
संवैधानिक परंपराओं के अनुरुप राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने नई विधानसभा में मायावती सरकार की ओर तैयार अभिभाषण को बढ़ते हुए कहा कि पिछले लगभग चार वर्षों में उत्तर प्रदेश में अराजक माहौल रहा है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को तोड़कर एक असंवैधानिक सरकार का गठन करके जनादेश का उपहास किया गया. राज्यपाल ने ये भी कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तर प्रदेश में केवल गुंडों, माफियाओं और अपराधियों का विकास हुआ है.
उन्होंने वादा किया कि नई सरकार अपराधमुक्त और भयमुक्त प्रशासन देगी और सभी वर्गों को विकास का अवसर मिलेगा.
सपा का एतराज़
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और समाजवादी पार्टी के अन्य सदस्य पूरे भाषण के दौरान शांत बैठे रहे.
लेकिन दोबारा जब विधानसभा की कार्यवाही शुरु हुई तो पिछली सरकार को असंवैधानिक कहे जाने पर सपा ने कड़ी आपत्ति जताई.
सदन में सपा के उपनेता मोहम्मद आज़म खाँ ने कहा कि कोई राजनीतिक अपने घोषणापत्र में कुछ भी कह सकता है लेकिन राज्यपाल का भाषण ऐसा नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्यपाल स्वयं कई बार पिछली विधानसभा में आए और उस दौरान विधानसभा ने कई क़ानून भी बनाए, तो यह सब असंवैधानिक कैसे हो सकता है.
जबकि सरकार की ओर से राज्यपाल के भाषण को सही बताया गया. विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने अपनी ओर से इस मसले पर कोई व्यवस्था दिए बिना सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी.
विधानसभा का यह सत्र बहुत छोटा है और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद सदन स्थगित हो जाएगा. इसके बाद जुलाई में बजट सत्र बुलाए जाने की संभावना है.