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मंगलवार, 22 मई, 2007 को 03:15 GMT तक के समाचार

पंजाब में बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त

अकाल तख़्त के पंजाब बंद का व्यापक असर दिखा. कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो शांति कायम रही.

हरियाणा के अंबाला में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं जिनमें दस लोग घायल हुए हैं.

बंद का आह्वान तो सिर्फ़ पंजाब के लिए था लेकिन हरियाणा और जम्मू समेत कुछ अन्य जगहों पर भी सिख समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किए.

अंबाला में झड़पें तब हुई जब स्थानीय लोगों ने डेरा सच्चा सौदा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान एक गुरुद्वारे के भीतर से पुलिस पर पत्थरबाजी शुरु कर दी.

उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. हालाँकि हरियाणा अकाली दल के प्रवक्ता संत सिंह कंधारी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि पुलिस ने ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पहले पत्थर चलाए.

भाजपा की चेतावनी

ताज़ा जानकारी के मुताबिक पंजाब के कई शहरों बठिंडा, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, यमुनानगर सहित कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह से ठप्प हो गया. कुछ जगहों में रेल यातायात पर भी असर पड़ा.

बंद का असर

सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं ने लुधियाना-दिल्ली रेलवे लाइन को जाम कर दिया . मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे प्रदर्शनकारी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के ख़िलाफ़ नारेबाजी करते हुए रेलवे लाइन पर बैठ गए.

हालाँकि आधा घंटे के बाद पुलिस ने रेलवे लाइन पर बैठे लोगों को वहाँ से हटने के लिए मना लिया.

डेरों की राजनीति

बंद के आहवान के मद्देनज़र कई बाज़ार बंद हैं और कामकाज ठप्प रहा. राज्यभर में बस यातायात पूरी तरह ठप्प रहा.

ग़ौरतलब है कि अकाल तख़्त ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम पर सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पंजाब बंद का आहवान किया था.

साथ ही डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी और 27 मई तक पंजाब स्थित डेरा के सभी केंद्रों को सील करने की भी मांग की गई थी.

दरअसल, डेरा सच्चा सौदा और सिख संगठनों के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब डेरा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम को कथित रूप से एक विज्ञापन में सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह की वेशभूषा में दिखाया गया.

इससे सिख समुदाय के कुछ लोगों ने भारी नाराज़गी जताई और राज्यभर में कई जगहों पर हिंसक झड़पें भी हुईं.

व्यापक असर

हरियाणा के सिरसा में लोगों ने जुलूस निकाला और अपना विरोध दर्ज करते हुए प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा. यहाँ बंद का मिला-जुला असर रहा.

भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू में भी कुछ सिख संगठनों ने बंद का आह्वान किया था जिसके चलते जनजीवन पूरी तरह से ठप्प रहा. स्थानीय बीबीसी संवाददाता ने बताया कि इस दौरान कुछ सड़कों पर छुटपुट आगजनी जैसी घटनाएं हुईं.

सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी पंजाब सरकार को क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी थी. केंद्र ने अर्धसैनिक बलों की 35 कंपनियों को स्थितियों से निपटने के लिए पंजाब भेजा है.

दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सोमवार को डेरा सच्चा सौदा से सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए माफ़ी माँगने को कहा.

बादल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर डेरा सच्चा सौदा माफ़ी माँग ले तो पूरा मामला ख़त्म हो सकता है. उन्होंने कहा कि बंद के दौरान किसी भी व्यक्ति को शांति भंग करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

अकाल तख़्त के तेवर

इसके पहले रविवार को जत्थेदारों की अहम एक बैठक के बाद अकाल तख़्त ने हुकुमनामा जारी किया था कि 27 मई तक पंजाब में डेरा सच्चा सौदा की सब शाखाएँ बंद कर दी जाएँ और डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को गिरफ़्तार किया जाए.

अकाल तख़्त ने कहा है कि अगर उनकी माँगों पर अमल नहीं होता है तो 31 मई को एक और बैठक में स्थिति पर पुनर्विचार किया जाएगा.

साथ ही ये भी कहा गया है कि अगर 31 मई तक उनकी माँगे नहीं मानी तो आनंदपुर साहिब से रोष मार्च निकाला जाएगा.

अकाल तख़्त की इस चेतावनी पर डेरा सच्चा सौदा का कहना है कि पंजाब में स्थित डेरा केंद्रों को छोड़ने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.

इससे पहले शनिवार को डेरा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बीते सप्ताह के पूरे घटनाक्रम पर खेद जताया गया था.