सोमवार, 21 मई, 2007 को 12:06 GMT तक के समाचार
दिल्ली पुलिस ने उस सीरियल किलर को गिरफ़्तार करने का दावा किया है जो लोगों की हत्या करने के बाद सिर कटी लाश को तिहाड़ जेल के आसपास फेंक देता था.
दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश कुमार ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि इन जघन्य हत्याओं के पीछे चंद्रकांत झा नाम का व्यक्ति था जिसे गिरफ़्तार कर लिया गया है.
उन्होंने कहा कि चंद्रकांत सब्ज़ी बेचने का काम करता है और पहले किसी जुर्म में ख़ुद तिहाड़ जेल में रह चुका है.
राजेश कुमार ने बताया, "ऐसा लगता है कि वो जब ख़ुद जेल में था तब वहाँ की स्थितियों से नाराज़ था और इसी मानसिकता से वो लोगों को मार कर उनकी लाश जेल के बाहर फेंकता था."
पुलिस का कहना है कि उसने कुल छह हत्याएँ की हैं और लोगों की हत्या करने का उसका तरीक़ा बेहद वीभत्स था.
राजेश कुमार ने बताया, "वो तेज़ हथियारों से हत्या करता था, फिर अंगों को काट कर अपने मोटर लगे रिक्शे से अलग-अलग जगहों में फेंक देता था. टांगों को वह यमुना नदी में फेंक देता था."
हत्या का सिलसिला
18 मई को तिहाड़ जेल के पास फिर सिर कटी लाश मिलने से पुलिस महकमा हरकत में आया. पुलिस का कहना है कि पुख़्ता जानकारी हासिल करने के बाद चंद्रकांत को दिल्ली के हैदरपुर इलाक़े से गिरफ़्तार कर लिया गया.
तिहाड़ के पास पिछले डेढ़ वर्षों में चार सिर कटी लाशें बरामद हो चुकी हैं. पुलिस अब तक चारों मृतकों की शिनाख्त नहीं कर पाई है. पहले मिले तीन लाशों का डीएनए टेस्ट करवाने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया था.
शुक्रवार को मिली लाश को भी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
पिछले महीने 25 अप्रैल को भी इस सीरियल किलर ने तिहाड़ जेल के गेट नंबर तीन के बाहर एक शव फेंका था. इसके पहले दो लाशें 20 अक्टूबर, 2006 और 29 दिसंबर, 2005 में मिली थीं.
तिहाड़ के पास मिले सभी शव पुरुषों के हैं और पुलिस का कहना है कि मृतकों की आयु 25 से 35 वर्ष के बीच रही होगी.