सोमवार, 21 मई, 2007 को 10:27 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के सलाहकार हारिस चौधरी को भ्रष्ट्राचार निरोधक अदालत ने तीन साल की जेल की सज़ा सुनाई है.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने विशेष भ्रष्ट्राचार निरोधक अदालत का गठन किया था और अब इस अदालत ने हारिस चौधरी को दोषी करार दिया है.
ये फ़ैसला उनकी ग़ौर मौजूदगी में सुनाया गया है.
अंतरिम सरकार ने कहा है कि भ्रष्ट्राचार से निपटना उसकी पहली प्राथमिकता है.
अदालत ने हारिस चौधरी से कहा था कि वे अपनी संपत्ति का ब्यौरा दें. रॉयटर्स के मुताबिक अदालत ने आशंका जताई थी कि उन्होंने अपनी ज़्यादातर दौलत ग़ैर क़ानूनी तरीके से कमाई है.
'बंदिश'
बीबीसी बंगाली सेवा के संपादक सबीर मुस्तफ़ा के मुताबिक खालिदा ज़िया तक पहुँचने के लिए हारिस चौधरी के ज़रिए संर्पक करना पड़ता था और वे काफ़ी प्रभावशाली थे.
हारिस चौधरी ख़ालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के पहले सदस्य हैं जिन्हें भ्रष्ट्राचार निरोधक अदालत ने जेल की सज़ा सुनाई है.
अवामी लीग पार्टी के दो सदस्यों को पहले ही सज़ा सुनाई जा चुकी है.
ख़ालिदा ज़िया के सहयोगियों ने इस महीने कहा था कि उनके आने-जाने पर अब भी बंदिश लगाई जा रही है. सहयोगियों के मुताबिक सरकार के आश्वासनों के बावजूद खालिदा ज़िया पर कई तरह की बंदिशें हैं.
अंतरिम सरकार ने पिछले महीने बांग्लादेश की दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों ख़ालिदा ज़िया और शेख हसीना को निर्वासित करने की कोशिश की थी लेकिन बाद में सरकार को पीछे हटना पड़ा.
सरकार ने इस बात से इनकार किया था वो ख़ालिदा ज़िया को देश से निकालने की कोशिश कर रही है.
अवीम लीग की नेता शेख हसीना भी इस महीने स्वदेश वापस आ गई हैं. अंतरिम सरकार ने उनकी स्वदेश वापसी पर पाबंदी लगा दी थी. लेकिन बाद में दबाव के आगे झुकते हुए उन पर लगी पाबंदी हटा ली गई थी.
इस साल जनवरी में अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश में चुनाव रद्द करते हुए आपातकाल लगा दिया था. आपातकाल के दौरान सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक है.