रविवार, 20 मई, 2007 को 08:12 GMT तक के समाचार
पंजाब पुलिस ने रविवार को डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के ख़िलाफ़ धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में भठिंडा में मामला दर्ज किया है.
राज्य पुलिस ने खालसा दीवान और श्री गुरु सभा, भठिंडा के अध्यक्ष राजिंदर सिंह सिद्धू की शिकायत पर भठिंडा कोतवाली में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 295-ए के तहत मामला दर्ज किया गया है.
उन पर किसी धर्म या उसकी मान्यताओं का अपमान कर वर्ग विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे का आरोप लगाया गया है.
इस मामले की जाँच क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एमके तिवारी करेंगे.
इससे पहले पंजाब सरकार ने डेरा प्रमुख की सुरक्षा के लिए लगाए गए पंजाब पुलिस के चार जवानों को हटा लिया था.
हालांकि इसके पीछे दलील दी गई है कि बाबा राम रहीम को पहले से ही हरियाणा सरकार की ओर से पर्याप्त सुरक्षा मिली हुई है.
गुरमीत राम रहीम सिंह के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब वो एक दिन पहले ही प्रेस विज्ञप्ति जारी करके पिछले दिनों की हिंसक घटनाओं पर खेद जता चुके हैं.
इस बीच एक सप्ताह से जारी गतिरोध पर भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए अमृतसर स्थित अकाल तख़्त में प्रमुख तख़्तों के जत्थेदारों और कुछ गरमपंथी सिख संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक भी होने वाली है.
सिख संगठनों में रोष
ग़ौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम को कथित रूप से पिछले सप्ताह एक विज्ञापन में सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह की वेशभूषा में दिखाया गया था जिससे सिख समुदाय में भारी नाराज़गी थी.
इसके बाद सिख समुदाय के लोगों और डेरा सच्चा सौदा समर्थकों के बीच राज्य के कुछ स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं और बिगड़ती स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार को भारी तादाद में अर्धसैनिक बलों की तैनाती करनी पड़ी थी.
विवाद के ज़ोर पकड़ने के बाद 17 मई को तलवंडी में सिख समुदाय की एक बड़ी सभा में हुकुमनामा जारी किया गया था कि डेरा सच्चा सौदा का सामाजिक-राजनीतिक और धार्मिक बहिष्कार किया जाए.
इसके अलावा पंजाब सरकार को चेतावनी दी गई थी कि डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम को तीन दिनों के भीतर गिरफ़्तार किया जाए और पंजाब में स्थित डेरा के सभी केंद्र सील किए जाएं.
शनिवार को चंडीगढ़ में कुछ गरमपंथी सिख संगठनों ने एक पत्रकार वार्ता में घोषणा की थी कि पंजाब सरकार को दी गई यह समयावधि रविवार की दोपहर 12 बजे ख़त्म हो रही है. इसके बाद सिख समुदाय की अकाल तख़्त में बैठक होगी.
माना जा रहा है कि इस बैठक में सिख समुदाय की ओर से इस पूरे विवाद पर आगे की रणनीति तैयार की जा सकती है.