शनिवार, 19 मई, 2007 को 08:16 GMT तक के समाचार
दिल्ली की अति सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल पास पिछले डेढ़ वर्षों में सिर और हाथ-पैर कटे चार शव मिल चुके हैं.
गुमनाम हत्यारा हत्या करने के बाद ख़ुद ही पुलिस को लाश के बारे में सूचना देने के साथ ही दिल्ली पुलिस को गिरफ़्तार करने की खुली चुनौती भी देता है.
शुक्रवार की सुबह तिहाड़ जेल के गेट नंबर एक के पास बोरी में बंद चौथी लाश मिली और दिल्ली से छपने वाले सभी अख़बारों ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
पुलिस अब तक चारों मृतकों की शिनाख्त नहीं कर पाई है. पहले मिले तीन लाशों का डीएनए टेस्ट करवाने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया था.
शुक्रवार को मिली लाश को भी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
पिछले महीने 25 अप्रैल को भी इस सीरियल किलर ने तिहाड़ जेल के गेट नंबर तीन के बाहर एक शव फेंका था. इसके पहले दो लाशें 20 अक्टूबर, 2006 और 29 दिसंबर, 2005 में मिली थीं.
तिहाड़ के पास मिले सभी शव पुरुष के हैं और पुलिस का कहना है कि मृतकों की आयु 25 से 35 वर्ष के बीच रही होगी.
पुलिस के लिए अपशब्द
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस बार भी शव के साथ एक चिट्ठी भी मिली है, जिसमें हत्यारे ने पुलिस के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया है और आरोप लगाया है कि वह ग़लत तरीके से लोगों को फँसाती है.
चिट्ठी में हत्यारे ने लिखा है,''मुझे भी दो मामले में ग़लत तरीके से फंसाया गया था और अब मैं हत्या कर रहा हूँ और आगे भी करता रहूंगा, हिम्मत हो, तो पकड़ कर दिखाओ.''
पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त रोबिन हिबू के हवाले से अख़बारों में कहा गया है कि पहले की तरह ही इस बार भी किसी ने हरि नगर थाने में फोन करके शव के बारे में सूचना दी और पुलिसवालों को भद्दी गालियाँ भी दीं. बताया जा रहा है कि सूचना देने वाला हत्यारा ही था.
बाद में पुलिस छानबीन में पता चला कि यह फोन किसी एसटीडी बूथ से किया गया था.
रोबिन हिबू के अनुसार, अब तक जो भी सुराग मिले हैं उस पर पुलिस काम कर रही है.