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शुक्रवार, 18 मई, 2007 को 16:03 GMT तक के समाचार

हैदराबाद में धमाका, 13 की मौत

भारत के हैदराबाद शहर की मक्का मस्जिद में नमाज़ के वक्त हुए विस्फ़ोट और उसके बाद पुलिस फायरिंग में में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है और दर्ज़नों घायल हैं.

पुलिस ने मस्जिद में हुए विस्फ़ोट में नौ लोगों के मरने की पुष्टि कर दी है.

विस्फ़ोट के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया जिसे नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी.

अभी यह साफ नहीं है कि बाकी चार लोगों की मौत पुलिस फायरिंग में हुई है या विस्फ़ोट में घायल लोगों ने दम तोड़ा है.

पुलिस के अनुसार 35 लोग घायल हैं.

संवाद समिति प्रेट्र के अनुसार केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने कहा है कि इस विस्फ़ोट के पीछे आतंकवादियों का हाथ हो सकता है.

आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी का कहना है कि घटनास्थल से दो बम भी मिले थे जिन्हें पुलिस के बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया है.

विस्फोट के बाद वहाँ तनाव का माहौल है. पुलिस ने पूरे इलाक़े को घेर लिया है.

शहर में कई जगह से पथराव की ख़बरें हैं और पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया है और रबर की गोलियाँ चलाई हैं.

हैदराबाद की मस्जिद में धमाका

पुलिस ने दावा किया है कि स्थिति नियंत्रण में है. वहाँ रैपिड एक्शन फ़ोर्स को तैनात कर दिया गया है.

घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया है. घायलों में कई की हालत गंभीर है. मुख्यमंत्री ने इस घटना को राज्य में माहौल ख़राब करने के लिए किया गया विस्फोट बताया है.

उन्होंने मृतकों के परिवारजनों को पाँच लाख रुपए का मुआवज़ा देने और घायलों के इलाज के लिए 20 हज़ार रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की है.

केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने मुख्यमंत्री से बात की है और केंद्र से हर संभव मदद का वादा किया है. केंद्र से फोरेंसिक विशेषज्ञों का एक दल हैदराबाद रवाना किया गया है.

मोबाइलफ़ोन से संचालित बम

अधिकारियों का कहना है कि दोपहर कोई डेढ़ बजे विस्फोट हुआ और उस समय हज़ारों लोग मस्जिद में नमाज़ के लिए आए हुए थे.

विस्फोट मस्जिद के भीतर नहीं हुआ है लेकिन मस्जिद परिसर के भीतर वज़ू-ख़ाने के पास हुआ है.

राज्य के पुलिस महानिदेशक एमए बासित का कहना है कि यह तकनीकी रुप से बहुत उन्नत बम था और मोबाइल फ़ोन के ज़रिए इसमें विस्फोट किया गया.

उनका कहना है कि दो और बम वहाँ मिले हैं जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है. ये बम पाइप में रखे गए थे.

बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारुक़ का कहना है कि 17 वीं शताब्दी की मक्का मस्जिद हैदराबाद की सबसे बड़ी मस्जिद है और शहर के सबसे संवेदनशील इलाक़े में स्थित है.

घटना स्थल से लौटकर उन्होंने बताया कि वहाँ यहाँ-वहाँ ख़ून बिखरा हुआ दिख रहा है. जगह कपड़े के टुकड़े हैं और लोगों की चप्पलें दिख रही हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है हालांकि पुलिस इस घटना को नांदेड़ और मालेगाँव की घटना से जोड़कर नहीं देख रही है.

लेकिन स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह भी वैसा ही विस्फोट दिखता है. उनका कहना है कि मालेगाँव और दिल्ली की जामा मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद पुलिस से कहा गया था कि यहाँ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दें लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया.

शांति की अपील

जब विस्फोट हुआ तो आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री दिल्ली में थे. उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते कहा है कि असामाजिक तत्वों ने माहौल ख़राब करने के लिए यह विस्फोट किया गया है.

उन्होंने कहा कि पिछले कोई ढाई महीने से केंद्रीय गृहमंत्रालय और राज्य की ख़ुफ़िया एजेंसियों से सूचनाएँ मिली थीं कि कुछ तत्व गड़बड़ी फैला सकते हैं.

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने उनसे बात की है और केंद्र से हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का वादा किया है.

इस सवाल पर कि क्या वे इसे चरमपंथी हमला कहेंगे, उन्होंने कहा कि इस समय जाँच जारी है और इस समय कोई कयास लगाना सही नहीं होगा. उन्होंने लोगों से शांति और सदभावना बनाए रखने की अपील की है.