बुधवार, 16 मई, 2007 को 04:53 GMT तक के समाचार
सिख धार्मिक नेताओं ने एक संप्रदाय - डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों और सिखों के बीच सोमवार और मंगलवार को हुए टकराव के बाद गुरुवार को तलवंडी साबो में सिख संगठनों की बैठक बुलाई है.
मंगलवार को अमृतसर में सिखों के पाँच तख़तों के जत्थेदारों की बैठक में ये फ़ैसला लिया गया.
ये विवाद तब उठा जब डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक अख़बार में छपे विज्ञापन में सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा पहने दिखाया गया. इस पर सिखों ने एतराज़ जताया और दोनो पक्षों के समर्थकों के बीच झड़पें भी हुईं.
सिख धार्मिक नेताओं की अमृतसर में हुई बैठक के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ और धार्मिक मामलों की सिख संस्था अकाल तख़्त के जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती ने पत्रकारों को बताया कि सिख संगठनों से तलवंडी साबो स्थित दमदमा साहिब में एकत्र होने को कहा गया है.
उन्होंने बताया कि बैठक में डेरा सच्चा सौदा से टकराव के मसले पर निर्णय लिया जाएगा.
दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल ने शांति की अपील की है.
प्रकाश सिंह बादल ने कहा, "किसी को भी शांति और सांप्रदायिक सदभाव भंग नहीं करने दिया जाएगा. यदि कोई क़ानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
सरकार ने भटिंडा के पुलिस महानिरीक्षक को घटना की जाँच करने के आदेश दिए हैं.
उधर कट्टरपंथी माने जाने वाली सिख संस्था दमदमी टकसाल ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को गिरफ़्तार करने की माँग की है.
दूसरी ओर डेरा के समर्थकों ने भठिंडा में प्रदर्शन किया और माँग की कि जिन लोगों ने उनके प्रमुख के पुतले जलाए हैं वे माफ़ी माँगें.
टकराव
ग़ौरतलब है कि सोमवार और मंगलवार को पंजाब के कई शहरों में सिखों ने एक संप्रदाय - डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख पर सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन किए थे.
मंगलवार को पंजाब के भटिंडा, अमृतसर, जालंधर, पटियाला, लुधियाना और मोगा सहित कई शहरों में उग्र प्रदर्शन हुए और कई स्थानों पर झड़पें भी हुईं.
सोमवार को ऐसे ही प्रदर्शनों के दौरान भठिंडा में हुई झड़पों में बीस लोग घायल हो गए थे.
डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव हरियाणा के सिरसा और उससे सटे पंजाब के भटिंडा, संगरूर, मुक्तसर और फिरोज़पुर क्षेत्र में है.
ग़ौरतलब है कि फ़रवरी में हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में डेरा सच्चा सौदा ने जनता से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने का आहवान किया था.
इसके बाद उसके प्रभाववाले क्षेत्र से कई वरिष्ठ अकाली नेता चुनाव हार गए थे. डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन इसीलिए उनके ख़िलाफ़ हो गए हैं. हालांकि अकाली नेता इन आरोपों का खंडन करते हैं.