उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य सभा के सदस्य सतीश मिश्रा को मंत्रिमंडल में शामिल किया है.
उन्हें बुधवार को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. सतीश मिश्रा को मायावती का बेहद करीबी माना जाता है.
मायावती ने 13 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और साथ ही पचास सदस्यीय मंत्रिमंडल को भी शपथ दिलाई गई थी. पहले चरण में सतीश मिश्रा को मत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था.
लेकिन बुधवार को अचानक मायावती ने सतीश मिश्रा को मंत्रिमंडल में शामिल करने की घोषणा की.
बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी का कहना है कि पहले माना गया था कि सतीश मिश्रा को बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का काम दिया जाएगा.
पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद ब्राह्मण समुदाय या उच्च जातियों को खुश करने के लिए ऐसा किया गया हो.
सतीश मिश्रा को मंत्री बनाने से पहले रविवार को 19 कैबिनेट मंत्रियों, 21 राज्यमंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और 9 राज्यमंत्रियों को राज्यपाल ने शपथ दिलाई थी.
अभी तक मंत्रियों के विभागों की घोषणा नहीं की गई है.
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला था. बसपा ने 205 सीटें जीती थीं.
इस बीच बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के विधानमंडल दल की बैठक हुई थी जिसमें ओमप्रकाश सिंह को नेता चुना गया है. जबकि बसपा ने नरेंद्र प्रताप सिंह पटेल को नया राज्य पार्टी अध्यक्ष चुना है.
21 मई को विधानमंडल का अधिवेशन होगा.