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बुधवार, 16 मई, 2007 को 08:14 GMT तक के समाचार

संजय दत्त का बयान दर्ज होगा

1993 में मुंबई में हुए धमाकों की सुनवाई कर रही विशेष टाडा अदालत अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए अभिनेता बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बयान बुधवार को दर्ज करेगी.

संजय दत्त और उनके तीन साथियों ने अदालत से उनके अच्छे आचरण के आधार पर उन्हें प्रोबेशन ऑफ़ ऑफ़ेंडर्स एक्ट (पीओए) के तहत रिहा करने का अनुरोध किया है.

पीओए के तहत दोषी व्यक्ति को जेल न भेजकर कुछ शर्तों के साथ रिहा कर दिया जाता है.

संजय दत्त के अलावा यूसुफ़ नुलवाला, रुसी मुल्ला और केरसी अदजेनिया ने कुछ महीने पहले अदालत में याचिका दाखिल कर प्रोबेशन ऑफ़ ऑफ़ेंडर्स एक्ट की धारा-4 के तहत राहत माँगी थी.

हालाँकि अभियोजन पक्ष यानी सीबीआई के वकील ने इसका विरोध किया था.

बुधवार को संजय दत्त और उनके तीन साथियों को अदालत में हाजिर होने की ज़रूरत नहीं है.

गोपनीय आदेश

बचाव पक्ष के वकील के अनुसार अदालत उनकी याचिका पर बुधवार को आदेश जारी करेगी. इस गोपनीय आदेश को इन तीनों अभियुक्तों की सज़ा सुनाते वक़्त खोला जाएगा.

अदालत शुक्रवार से सज़ा सुनाने का सिलसिला शुरू करेगी.

अदालत ने संजय दत्त और उनके तीन साथियों को टाडा के तहत लगाए गए आरोपों से मुक्त कर दिया था, लेकिन अवैध रूप से एके-56 राइफ़ल और 9 एमएम पिस्तौल रखने के लिए उन्हें शस्त्र क़ानून की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था.

इसके तहत संजय दत्त को कम के कम पाँच साल और अधिकतम दस साल की सज़ा हो सकती है.

संजय दत्त पहले ही 18 महीने जेल में रह चुके हैं, लिहाजा अधिकतम सज़ा सात साल होगी.

क़ानूनी विशेषज्ञों के अनुसार अगर संजय को सज़ा सुनाई जाती है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील का मौका देते हुए सज़ा को निलंबित रखा जा सकता है.

उल्लेखनीय है कि संजय दत्त उन 100 अभियुक्तों में शामिल हैं जिन्हें दोषी क़रार दिया जा चुका है.

बम रखने और साज़िश रचने के आरोप में 47 लोगों को दोषी क़रार दिया गया है.

इनमें से तीन अभियुक्तों को कुछ रियायत दी गई है जबकि 44 अन्य को कड़ी सज़ा सुनाई जा सकती है.