बुधवार, 16 मई, 2007 को 13:13 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान की मेडिकल काउंसिल ने कन्या भ्रूण हत्या के आरोपों में कार्रवाई करते हुए 28 डॉक्टरों के 'प्रैक्टिस' करने पर छह महीने तक के लिए रोक लगा दी है.
इससे पहले, सात डॉक्टरों पर ऐसी ही रोक लगाई गई थी, लेकिन महिला संगठनों ने इसे अपर्याप्त कार्रवाई बताया था.
मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार संजय शर्मा ने बीबीसी को बताया कि इन डॉक्टरों के विरुद्ध आरोप प्रारंभिक जाँच में ही पाए गए.
जिन डॉक्टरों के 'प्रैक्टिस' करने पर रोक लगाई गई है, उनमें से आठ सरकारी अस्पतालों में कार्यरत थे. शेष 17 डॉक्टर निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहे थे. इसके अलावा तीन डॉक्टरों को सोनोग्राफ़ी न करने का आदेश दिया गया है.
पाबंदी
डॉक्टरों पर लगी ये पाबंदी अगले छह महीने या फिर जाँच पूरी होने तक जारी रहेगी. मेडिकल काउंसिल अभी कोई एक दर्जन और डॉक्टरों के विरुद्ध ऐसी ही जाँच कर रही है.
उधर, आरोपों से घिरे डॉक्टर खुद को निर्दोष बता रहे हैं.
डॉक्टरों के विरुद्ध ये मामला तब प्रकाश में आया था, जब एक निजी टीवी चैनल ने ख़ुफिया कैमरों में गैरक़ानूनी गर्भपात कराने के दृश्य क़ैद किए.
सरकार ने महिला संगठनों के आंदोलन के बाद 21 डॉक्टरों के विरुद्ध प्राथमिक रिपोर्ट (एफआईआर) भी दर्ज कराई. लेकिन पुलिस ने अब तक किसी भी डॉक्टर के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की है.
महिला संगठन ये मामला केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की माँग कर रहे हैं.
महिला अधिकार कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव कहती हैं, “सरकारी जाँच की रफ़्तार बहुत सुस्त है. हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक इन डॉक्टरों के मेडिकल पंजीकरण रद्द नहीं कर दिए जाते.”
अपराध
महिला संगठनों के मुताबिक राज्य में भ्रूण परीक्षण करने वाली 1200 से ज़्यादा अल्ट्रासाउंड मशीनें पंजीकृत हैं.
हालाँकि भारत में गर्भस्थ शिशु के लिंग का परीक्षण क़ानून के तहत अपराध है, क्योंकि कुछ अभिभावक गर्भस्थ शिशु के कन्या होने की पहचान के बाद गर्भपात कराने पर ज़ोर देते हैं.
इस क़ानून के प्रभाव में आने के बाद महज़ एक डॉक्टर को हरियाणा में सज़ा दी जा सकी है.
महिला कार्यकर्ता समाज में औरतों की कम होती संख्या के लिए कन्या भ्रूण हत्या को ज़िम्मेदार मानते हैं.
राजस्थान में प्रति हज़ार पुरुषों के मुकाबले में सिर्फ़ 922 महिलाएँ हैं. जैसलमेर और धौलपुर ज़िलों में तो यह संख्या और भी कम है.