मंगलवार, 15 मई, 2007 को 04:02 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार चौधरी के निलंबन से जुड़े मामले की सुनवाई मंगलवार से शुरू हो गई है.
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के सभी 13 जजों का बेंच इस मामले की सुनवाई कर रहा है.
इस 13 सदस्यीय पूर्ण पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पाँच जजों के उस फ़ैसले को सही ठहराया है जिसमें सुप्रीम ज्युडिशियल काउंसिल के फ़ैसलों पर रोक लगाई गई थी.
निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार चौधरी के ख़िलाफ़ लगे गंभीर अनियमितताओं के आरोपों की जाँच के लिए सुप्रीम ज्युडिशियल काउंसिल का गठन किया गया था.
इस पूर्ण पीठ ने मंगलवार को कहा है कि जब तक इफ्तेख़ार चौधरी की याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती है तब तक इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
इफ़्तेख़ार चौधरी के वकील ने आरोप लगाया है कि सेना ने उन्हें धमकाने की कोशिश की और नौ मार्च को उन्हें पाँच घंटे तक आर्मी हाउस में जबरन रोक कर रखा गया था.
इस पर अदालत ने चौधरी के वकील से पूछा कि मुख्य न्यायाधीश अपनी इच्छा से आर्मी हाउस में गए थे या उन्हें बुलाया गया था, इसके जवाब में वकील ने कहा कि उन्हें बुलाया गया था.
निलंबित मुख्य न्यायधीश के वकील ने कहा कि वे हलफ़नामा दायर करके बता सकते हैं कि उन्हें किन लोगों ने आर्मी हाउस में जबरन रोके रखा था.
हत्या का मामला
इस्लामाबाद में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या का मामला भी इस सुनवाई के दौरान उठा.
सुप्रीम कोर्ट के एडिशनल रजिस्ट्रार हम्माद रज़ा इफ़्तेख़ार चौधरी के निलंबन के मामले में एक अहम गवाह थे.
इफ़्तेख़ार चौधरी के वकील एहतज़ाज अहसन ने यह बात सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण पीठ के सामने रखी, इस पर जजों ने कहा कि इस मामले की जाँच अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगी.
इस्लामाबाद में सोमवार को रज़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें गवाह होने की वजह से ही मारा गया है.