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रविवार, 13 मई, 2007 को 03:13 GMT तक के समाचार

कराची में हिंसा नहीं थमी, छह और मौतें

पाकिस्तान के कराची शहर में हिंसा की ताज़ा घटनाओं में रविवार को छह लोग मारे गए हैं.

शनिवार को पाकिस्तान में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं जिसमें 34 लोग मारे गए थे.

देर रात को दो और लोगों ने दम तोड़ दिया था. मृतकों की कुल संख्या 40 हो गई है.

शहर के पुलिस प्रमुख अज़हर फ़ारूख़ी ने स्थिति को बेहद तनावपूर्ण बताया है.

कराची हिंसा की तस्वीरें

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने लोगों से शांति की अपील की है.

इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी शनिवार को कराची में रैली को संबोधित करने वाले थे लेकिन उन्हें हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया और वो रैली को संबोधित नहीं कर सके.

विवाद

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि परवेज़ मुशर्रफ़ की समर्थक मानी जाने वाली पार्टी मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट यानी एमक्यूएम ने अशांति फैलाई है लेकिन एमक्यूएम ने इन आरोपों का खंडन किया है.

एक निजी टेलीविज़न समाचार चैनल 'आज' के दफ़्तर पर भी गोलियाँ चलाई गईं. उस घटना की तस्वीरें इस चैनल पर दिखाई जा रही थीं.

इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि विपक्षी दलों ने जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी के निलंबन के मुद्दे को सैन्य शासन के ख़िलाफ़ एक अभियान का रूप दे दिया है.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी को अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के आरोप में नौ मार्च को मुख्य न्यायाधीश पद से निलंबित कर दिया था.

उसके बाद से वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इफ़्तिख़ार चौधरी के समर्थन में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन किए हैं.

इससे पहले लाहौर में आयोजित रैली में उन्हें व्यापक समर्थन मिला था और उसके बाद पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ चल रही जाँच को स्थगित करने का आदेश दिया था.

लाहौर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए जस्टिस चौधरी ने कहा था कि जो तानाशाह क़ानून को नज़रअंदाज़ करते हैं, वे 'तबाह' हो जाते हैं.

हालाँकि इफ़्तिख़ार चौधरी ने सीधे-सीधे तौर पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का नाम नहीं लिया था.