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रविवार, 13 मई, 2007 को 02:37 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

मायावती ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने चौथी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

पचास सदस्यीय मंत्रिमंडल में उनके अलावा 19 कैबिनेट मंत्रियों, 21 राज्यमंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और 9 राज्यमंत्रियों को भी राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने शपथ दिलाई.

मायावती ने मंत्रिमंडल में ऊँची जातियों के अलावा पिछड़े वर्ग की छोटी-छोटी जातियों को भी स्थान दिया है.

स्वामी प्रसाद मौर्य विधानसभा का चुनाव हार गए थे, फिर भी उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है, क्योंकि वो महत्वपूर्ण पिछड़ी जाति से आते हैं.

उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों शैलेश कृष्ण, वीके शर्मा को अपना प्रमुख सचिव बनाया है. साथ ही रोहित नंदन को सचिव बनाया है.

दिलचस्प तथ्य ये है कि शैलेश कृष्ण किसी वक्त मुलायम के क़रीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में किन्हीं वजहों से उनके बीच दूरियाँ बढ़ गईं थीं.

शपथग्रहण समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी मौजूद थे.

बड़ा मंत्रिमंडल

जिन लोगों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, उनमें बसपा के प्रदेश अध्यक्ष लालजी वर्मा, महासचिव इंद्रजीत सरोज, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, सुखदेव राजभर, स्वामीप्रसाद मौर्य, ठाकुर जयवीर सिंह, राकेशधर त्रिपाठी, रामवीर उपाध्याय, लक्ष्मीनारायण, वेदराम भाटी, बाबू सिंह कुशवाहा, जगदीश नारायण, फागू चौहान, नकुल दूबे, नारायण सिंह, दद्दू प्रसाद, सुधीर गोयल, धर्म सिंह सैनी और रामप्रसाद चौधरी शामिल हैं.

मायावती के बेहद करीबी सतीश मिश्रा को मंत्री नहीं बनाया गया है. सतीश मिश्रा राज्यसभा के सदस्य हैं और माना जा रहा है कि वो संगठन में अहम भूमिका निभाएँगे.

इससे पूर्व बसपा के नवनिर्वाचित विधायकों की नेता चुने जाने के बाद मायावती ने राज्यपाल टीवी राजेश्वर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था.

राज्यपाल ने इसे स्वीकार करते हुए उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दिया था.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं लेकिन एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ था. बाकी 402 सीटों पर हुए चुनाव में बसपा को 206 सीटों पर जीत हासिल हुई है. पिछले चुनाव में पार्टी को 99 सीटें मिली थीं.

बसपा नेता मायावती ने शुक्रवार को पत्रकार सम्मेलन में पार्टी की सफलता को बसपा की विचारधारा की जीत बताया था.

उनका कहना था, " उत्तर प्रदेश की आम जनता ने साबित किया है कि उसका लोकतंत्र में गहरा विश्वास है. पिछले 14 वर्षों में पहली बार किसी एक पार्टी ने पूर्ण बहुमत के आधार पर सरकार नहीं बनाई है. जनता ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर मतदान किया है."

मायावती का कहना था कि उत्तर प्रदेश को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाया जाएगा और लोकतांत्रिक शासन प्रदान किया जाएगा.