शुक्रवार, 11 मई, 2007 को 14:32 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुकी है.
विधानसभा की 402 सीटों में से अब तक 398 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं और इनमें से बसपा 202 सीटें जीत चुकी है.
उधर मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने राज्यपाल टीवी राजेश्वर को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है जिसे राज्यपाल ने स्वीकार भी कर लिया है.
इस्तीफ़ा देने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुलायम सिंह ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं.
बसपा नेता मायावती ने पत्रकार सम्मेलन में पार्टी की सफलता को बसपा की विचारधारा की जीत बताया है.
बहुजन समाज पार्टी के जीतने वाले उम्मीदवारों को लखनऊ पहुँचने को कहा गया है और बसपा विधायक दल की बैठक वहाँ शनिवार को होगी.
हालांकि मायावती ने चुनाव नहीं लड़ा था लेकिन उनके ये कहने से कि 'जब मुझे शपथ ग्रहण करने के लिए बुलाया जाएगा तो मीडिया को सूचित किया जाएगा' से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री मायावती ही होंगी.
सपा के ख़िलाफ़ मामलों की जाँच
उनका कहना था, "उत्तर प्रदेश की आम जनता ने साबित किया है कि उस लोकतंत्र में गहरा विश्वास है. पिछले 14 वर्षों में पहली बार किसी एक पार्टी ने पूर्ण बहुमत के आधार पर सरकार नहीं बनाई है. जनता ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर मतदान किया है."
उन्होंने दलितों और पिछड़ों के साथ-साथ अगड़ी जातियों के सदस्यों और मुस्लिम समुदाय के सदस्यों का भी धन्यवाद किया.
मायावती का कहना था कि उत्तर प्रदेश को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाया जाएगा और लोकतांत्रिक शासन प्रदान किया जाएगा.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के ख़िलाफ़ जो शिकायतें आएँगे उनकी जाँच होगी लेकिन ये किसी तरह की दुश्मनी की भावना से नही होगा.
उधर मुलायम सिंह का कहना था, "ये लोकतंत्र के लिए बहुत अशुभ है. चुनाव आयोग ने मनमानी की है और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सरकार चलाई है. सभी दलों को इस पर विचार करना चाहिए."
लेकिन मायावती ने चुनाव आयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि आयोग ने लोकतंत्र की रक्षा की है ताकि दलित और पिछड़े वर्ग के लोग भयमुक्त होकर मतदान में भाग ले सकें.
समाजवादी पार्टी पिछड़ी
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटों में से 402 के लिए चुनाव हुआ था. एक सीट पर उम्मीदवार की मौत हो जाने के कारण चुनाव स्थगित कर दिए गए थे.
अब तक घोषित 398 सीटों के परिणामों में बहुजन समाज पार्टी को 202 सीटों पर जीत मिली है, समाजवादी पार्टी को 99 सीटें मिली हैं, भाजपा 51 सीटों पर विजयी रही है और कांग्रेस के खाते में 21 और अन्य दलों को 25 सीटें मिली हैं.
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी इलाहाबाद दक्षिण से हार गए हैं. भाजपा के सहयोगी अपना दल के अध्यक्ष सोनेलाल पटेल भी हार गए हैं.
पार्टी के लिए राहत की बात ये रही कि पहले पिछड़ने के बाद लालजी टंडन लखनऊ पश्चिम से जीत गए हैं और ओमप्रकाश सिंह चुनार से आगे चल रहे हैं.
निवर्तमान मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव गुन्नौर और भरथना दोनों जगहों से जीत गए हैं. उनकी कैबिनेट में सदस्य रहे नरेश अग्रवाल हरदोई से, आज़म ख़ान रामपुर से और शिवपाल सिंह यादव जसवंतनगर से जीत गए हैं.
उधर अमेठी विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अमिता सिंह जीत गई हैं. कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद की पत्नी लुईस ख़ुर्शीद भी हार गई हैं.
तेरह मई की रात मौजूदा विधानसभा की अवधि ख़त्म हो रही है और इससे पहले नई सरकार का गठन हो जाना एक संवैधानिक ज़रुरत है.
चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे और पहली बार मतगणना के दौरान हर चरण की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई.