गुरुवार, 10 मई, 2007 को 07:49 GMT तक के समाचार
तमिलनाडु सरकार ने 'दिनाकरन' अख़बार के दफ़्तर पर हुए हमले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की बात कही है. मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने कहा है कि राज्य सरकार केंद्र से अनुरोध करेगी की मामले की सीबीआई जाँच हो.
पर्यवेक्षकों के मुताबिक अख़बार पर यह हमला मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के बेटों की आपसी प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है.
बुधवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कथित समर्थकों ने 'दिनाकरन' अख़बार के मदुरै स्थित दफ़्तर पर हमला कर आग लगा दी थी. इस घटना में अख़बार के दफ़्तर में काम करने वाले तीन कर्मचारियों की मौत हो गई.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने ख़ुद राज्य विधानसभा में सीबीआई से मामले की जाँच कराने की सिफ़ारिश करने की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि यह मामला उनके परिवार से जुड़ा हुआ है, इसलिए राज्य पुलिस से जाँच कराना पर्याप्त नहीं होगा.
सर्वेक्षण
दरअसल अख़बार ने एसी नील्सन के साथ मिलकर एक सर्वेक्षण छापा था. इसमें बताया गया कि 70 फ़ीसदी लोग करुणानिधि के छोटे बेटे एमके स्तालिन को उत्तराधिकारी बनाए जाने के पक्ष में हैं जबकि केवल दो फ़ीसदी बड़े बेटे एमके अषागिरी के पक्ष में हैं.
इसके बाद सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने अख़बार के दफ़्तर पर धावा बोल दिया. वे इस सर्वेक्षण का विरोध कर रहे थे.
अषागिरी राज्य के दक्षिणी ज़िलों में पार्टी का कामकाज देखते हैं.
दिलचस्प तथ्य है कि इस अख़बार के मालिक मुख्यमंत्री करुणानिधि के रिश्तेदार कलानिधि मारन हैं. वे केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन के भाई भी हैं.
इस सर्वेक्षण में दयानिधि मारन को राज्य के एक अन्य केंद्रीय मंत्री अंबुमणि रामदॉस से बेहतर बताया गया है.
ग़ौरतलब है कि मारन द्रमुक से हैं जबकि रामदॉस पीएमके से हैं.