बुधवार, 09 मई, 2007 को 10:36 GMT तक के समाचार
दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के हवाई हमले में कम के कम 21 नागरिक मारे गए हैं.
हेलमंद प्रांत के गवर्नर असदुल्लाह वाफ़ा ने कहा कि सानगिन ज़िले में तालेबान लड़ाकों के साथ जूझ रही नैटो सेना की रिहायशी इलाक़े में हुई बमबारी में ये आम नागरिक मारे गए.
इन हमलों में कई महिलाएँ और बच्चे भी मारे गए हैं.
अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने कहा कि सानगिन में तालेबान के साथ हुई लड़ाई में उसका एक सैनिक मारा गया है, लेकिन आम नागरिकों के मारे जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
लापरवाही
वाफ़ा ने कहा कि अफ़ीम के उत्पादन वाले इस क्षेत्र से तालेबान लड़ाकों को खदेड़ने में लगी नैटो सेनाओं की मदद कर रहे एक लड़ाकू विमान से हुई बमबारी में आम लोग मारे गए.
नैटो ने जनवरी में कहा था कि पिछले साल उसके हमलों में आम नागरिकों का मारा जाना बड़ी भूल थी.
नैटो ने भविष्य में इस बारे में ख़्याल रखने का वादा किया था.
अफ़ग़ानिस्तान में बड़ी तादाद में आम लोगों के मारे जाने और अधिकांश अफ़ग़ानियों का जीवन स्तर सुधारने में सरकार की नाकामी से दिन पर दिन जन असंतोष बढ़ता जा रहा है.
अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर विलियम मिशेल ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि चरमपंथियों ने सानगिन से 25 किलोमीटर दूर उत्तर में गश्त कर रहे सैनिकों पर गोलियां चलाई और राकेट और मोर्टार से हमला किया.
उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई में 'काफ़ी संख्या' में चरमपंथी मारे गए.
मेजर मिशेल ने कहा, "हमारे पास आम नागरिकों के मारे जाने की कोई सूचना नहीं है. चरमपंथी मारे गए हैं और उनकी संख्या 'काफ़ी' है."
जिस क्षेत्र में बमबारी हुई है, वहाँ के निवासियों का कहना है कि पश्चिमी सेना और अफ़ग़ानी सैनिक उन्हें इलाक़े में घुसने से रोक रहे हैं.
तालेबान लड़ाके कथित तौर पर अक्सर लोगों के घरों में पनाह लेते हैं और यही वजह है कि हवाई हमलों में आम नागरिक भी मारे जाते हैं.