मंगलवार, 08 मई, 2007 को 13:19 GMT तक के समाचार
भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण की सुनवाई संविधान पीठ से कराई जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों से कहा है कि वे इस मसले पर उन सवालों को अदालत के सामने रखें जिन पर केंद्र सरकार संविधान पीठ से सुनवाई की माँग कर रही है.
न्यायाधीश अरिजीत पसायत और न्यायाधीश एलके पांटा की खंडपीठ ने यह निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई कल तक के लिए टाल दी.
सुप्रीम कोर्ट ने 29 मार्च को ओबीसी को आरक्षण देने के फ़ैसले पर रोक लगा दी थी.
नई अपील
इससे पहले सॉलिसिटर जनरल वी वहानवती ने खंडपीठ से कहा कि चूँकि इस मामले में कई संवैधानिक पहलू हैं, लिहाजा इस पर फ़ैसला दो सदस्यीय पीठ नहीं कर सकती और इस मुद्दे को संविधान पीठ के हवाले कर दिया जाना चाहिए.
पीठ ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को संविधान पीठ को सौंपे जाने के ख़िलाफ़ नहीं है.
लेकिन अदालत ने इस मामले को संविधान पीठ को सौंपे जाने के केंद्र के आग्रह पर हैरत जताई और कहा कि ऐसे मामले तो नियमित तौर पर अदालतों के समक्ष आते रहते हैं.
पीठ का कहना था कि बहुत से क़ानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी जाती है पर हर बार इन्हें संविधान पीठ को तो नहीं सौंपा जाता.
सरकार ने अपनी दलील में कहा कि मंडल मामले में नौ सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने ओबीसी आरक्षण पर मुहर लगाई थी.