रविवार, 06 मई, 2007 को 15:42 GMT तक के समाचार
गुजरात पुलिस की अपराध शाखा ने सोहराबुद्दीन शेख़ और उनकी पत्नी कौसर बी की 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' में हत्या के अभियुक्तों में से एक पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक डीजी वंजारा के घर पर छापा मारा है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक़ पुलिस महानिरीक्षक गीता जौहरी की अगुआई में एक टीम वंजारा के गाँव इलोल में उनके घर के आसपास खुदाई कर रही है.
पुलिस को संदेह है कि कौसर बी की हत्या के बाद उन्हें यहीं जला दिया गया था. वैसे सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है कि कौसर बी की हत्या हो गई है.
लेकिन आधिकारिक तौर पर इसे प्रमाणित करना होगा. इसी के तहत गुजरात पुलिस की अपराध शाखा वंजारा के गाँव पहुँची है और उनके घर के आसपास की खुदाई कराई जा रही है.
पुलिस के साथ फ़ॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी है जो जाँच में सहयोग देगी. माना जा रहा है कि अगर वहाँ से कोई हड्डी मिलती है तो उसका डीएनए टेस्ट भी किया जाएगा.
फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में डीजी वंजारा के अलावा पुलिस अधिकारी राजकुमार पांडियन और दिनेश कुमार भी अभियुक्त हैं. तीनों अभी पुलिस हिरासत में हैं. अदालत ने इनकी हिरासत की अवधि आठ मई तक के लिए बढ़ाई है.
दावा
पहले गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि 26 नवंबर 2005 को उनके आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में सोहराबुद्दीन मारे गए थे.
लेकिन सोहराबुद्दीन के भाई सुप्रीम कोर्ट में गए और कोर्ट के आदेश पर जाँच हुई जिसके आधार पर तीनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के गिरफ़्तार किया गया.
इस बीच गुजरात की मोदी सरकार सोहराबुद्दीन हत्याकांड से बिगड़ी छवि को ठीक करने और विपक्षी पार्टियों की आलोचना का जवाब देने की तैयारी कर रही है.
प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के मीडिया सेल की बैठक में यह फ़ैसला किया गया है कि पार्टी कार्यकर्ता नुक्कड़ नाटकों और अन्य तरीक़ों से लोगों को ये बताएँगे कि भारत में अपराध के मामले में न्याय व्यवस्था नाकाम हो गई है. पार्टी इस पर भी ज़ोर दे रही है कि सोहराबुद्दीन अपराधी थे.
दूसरी ओर कांग्रेस भी इस मामले पर सरकार को घेरने की कोशिश में है. पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस मामले को सरकार को घेरें.