रविवार, 06 मई, 2007 को 14:47 GMT तक के समाचार
दुनिया का सबसे बड़े यात्री विमान एयरबस ए-380 ने पहली बार रविवार को भारत की ज़मीन को छुआ.
करीब 850 यात्रियों की क्षमता रखने वाला ये विमान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा.
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने दिल्ली में ए-380 की उड़ान उतरने को लेकर विशेष प्रबंध किए थे.
एपी के मुताबिक़ वहाँ का रनवे ए-380 विमान के लिए छोटा पड़ रहा था जिसके बाद अधिकारियों ने रनवे के आस-पास का घास काटा.
विमान में कुछ विशेष मेहमानों को उड़ान पर ले जाया जाएगा और फिर मंगलवार को ये मुंबई के लिए रवाना होगा.
व्यावसायिक सेवा
उम्मीद की जा रही है कि अक्तूबर में सिंगापुर एयरलाइंस के साथ ये विमान व्यावसायिक सेवाएँ शुरू कर देगा.
इसकी लंबाई 73 मीटर है. ये बिना रुके 15000 किलोमीटर तक उड़ सकता है. माना जा रहा है कि ए-380 विमान जंबो जेट बाज़ार में बोइंग 747 के वर्चस्व को चुनौती देगा.
किंगफ़िशर एयरलाइंस एक मात्र भारतीय विमानसेवा है जिसने ए-380 के पाँच विमान ख़रीदने के लिए ऑर्डर दिया है.
वर्ष 2011-12 तक ये विमान किंगफ़िशर को मिल जाएँगे. हर विमान की क़ीमत क़रीब तीस करोड़ रुपए है.
एयरबस के पास 15 अलग-अलग ग्राहकों से कुल 166 ए-380 विमान ख़रीदने के ऑर्डर हैं. हवाई सेवाओं में विमानों की बढ़ती संख्या को लेकर चिंता जताई जा रही है क्योंकि हवाई अड्डे इतनी बड़ी संख्या में विमानों की आवाजाही के लिए तैयार नहीं.
इसलिए ए-380 को ऐसे विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है जिससे यात्रियों की संख्या तो बढ़ेगी लेकिन उड़ान भरने वाले विमानों की नहीं.