गुरुवार, 03 मई, 2007 को 12:00 GMT तक के समाचार
भारतीय संसद में विपक्ष ने कश्मीर पर केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया वहीं वामदलों ने गुजरात में 'फ़र्ज़ी मुठभेड़' मामले पर बहस की माँग की.
गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष के सदस्यों ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे सदन में कश्मीर मसले पर एक बहस चाहते हैं.
विपक्ष की ओर से भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में पिछले दिनों कश्मीर में हुर्रियत नेता अली शाह गीलानी की रैली पर सवाल उठाया.
ग़ौरतलब है कि इस रैली में कथित रूप से चरमपंथी संगठन लश्करे तैयबा समर्थकों ने पाकिस्तान का झंडा लहराया था. यह भी आरोप लगाए गए हैं कि हुर्रियत नेता की इस रैली में जो भाषण दिए गए उनमें 'राष्ट्र विरोधी बातें' भी कही गई थी.
इस मामले में हुर्रियत नेता के ख़िलाफ़ एक प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है.
सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए विपक्ष ने इसपर एक बयान जारी करने की अनुमति मांगी जिसका वामदलों और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने विरोध किया.
कश्मीर बनाम गुजरात
वामदलों और समाजवादी पार्टी ने इसके बाद प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को ही आड़े हाथों लेते हुए गुजरात में फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले पर एक बहस की माँग कर डाली.
इस मुद्दे पर गुजरात सरकार की निंदा करते हुए यूपीए सांसदों ने मांग की कि फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले पर राज्य सरकार गंभीर नहीं है. इस मामले की जाँच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए.
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने इस मसले पर केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल से स्पष्टीकरण की भी माँग की.
इस मसले पर दोनों पक्षों के बीच ज़ोरदार हंगामा हुआ जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर बाद तक के लिए स्थगित कर दी गई.
बाद में सदन के बाहर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में राज्य सरकार पर आरोप लगाया ग़लत है.
वहीं गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में फिलहाल कपड़ा मंत्री शंकर सिंह बाघेला ने कहा कि गुजरात सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है. जो कुछ भी हो पाया है, वो सुप्रीम कोर्ट के दबाव के चलते ही संभव हुआ है.