गुरुवार, 03 मई, 2007 को 14:27 GMT तक के समाचार
चंडीगढ़ में एक नाइट क्लब खुला है जहाँ ग्राहकों को कंडोम दिया जा रहा है. इसके संचालकों का कहना है कि यह भारत का पहला 'कंडोम बार' है.
सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस बार के पीछे चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (सिटको) है.
सिटको के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस परियोजना से जुड़कर गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि यह एड्स की रोकथाम की दिशा में काम करेगा.
सिटको के प्रमुख जसबीर सिंह बीर ने कहा, "कंडोम को दोस्त के रूप में देखा जाना चाहिए न कि शर्मिंदगी की चीज़ के रूप में."
वे कहते हैं, "इससे एड्स को रोकने में मदद मिलेगी ही, साथ ही लोग उस मुद्दे पर भी खुलकर बात करेंगे जो जल्द ही देश की सबसे बड़ी समस्या बन सकता है."
उनका कहना है कि इसके पीछे गंभीर मक़सद है कि युवाओं को एचआईवी संक्रमण और एड्स के प्रति जागरुक बनाना है.
साहसिक क़दम
सिटको ने इस बार को बढ़ावा देने के लिए कई आयोजनों की तैयारी की है जिनमें एचआईवी से पीड़ित पुरूषों और महिलाओं के लिए विशेष प्रतियोगिताएँ शामिल हैं.
इस नए क्लब का उदघाटन एड्स पीड़ितों की सहायता के लिए चल रही एक संस्था के अध्यक्ष ने किया.
उदघाटन करने वाली पूजा ठाकुर ने कहा, "मुझे इस बात की बहुत ख़ुशी है कि सरकारी संगठन भी ऐसे क़दम उठा रहे हैं और एड्स को रोकने की कोशिश कर रही है."
चमकदार सुनहरे बोर्ड पर लिखा है 'कंडोम बार', इसे लेकर शहर के कुछ रूढ़िवादियों की भौहें तनना तय दिखता है.
सस्ता
सिटको प्रमुख जगबीर सिंह बीर का कहना है कि इस बार का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है.
उन्होंने कहा कि इस बार में क़ीमतें बहुत कम रखी गई हैं, शराब सस्ती होगी, साथ ही शाकाहारी भोजन को उनकी लागत के दाम पर ही भेजा जाएगा.
बीर कहते हैं, "हमारा फ़ायदा तो वह जागरूकता है जो इससे पैदा होगी."
चंडीगढ़ के कलाग्राम में स्थित इस बार के अंदर भी कंडोम के रंग-बिरंगे पैकेटों से सजावट की गई है.
यहाँ शराब विशेष तौर पर डिज़ाइन किए गए गिलासों में परोसी जाती है जिन पर कंडोम का लोगो बना है, इसी तरह वेटरों की पोशाक और टोपी भी कंडोम की तस्वीर बनी है.
टेबल पर रखे मैटों पर सुरक्षित सेक्स को बढ़ावा देने के लिए संदेश लिखे गए हैं.
बिल चुकता करने के बाद ग्राहकों को खुदरा पैसे की जगह कंडोम या कंडोम की तस्वीर वाली टोपी, टी-शर्ट जैसी चीज़ें दी जाती हैं जिनसे कंडोम का प्रचार हो.