रविवार, 29 अप्रैल, 2007 को 10:23 GMT तक के समाचार
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा है कि संसद पर हमले के मामले में दोषी पाए गए अफ़ज़ल गुरु के मामले में क़ानूनी प्रक्रिया के अनुसार काम किया जाएगा.
यूरोप की पाँच दिन की यात्रा से लौट रहे राष्ट्रपति कलाम ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने यूरोपीय संसद के प्रमुख से भी यही बात कही है कि इस मामले में क़ानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही क्षमायाचना पर विचार किया जाएगा.
संसद पर 2001 में हुए हमले के आरोप में गिरफ़्तार अफ़ज़ल गुरु को मौत की सज़ा सुनाई गई है और उनकी क्षमा याचिका इस समय राष्ट्रपति के पास है.
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति कलाम के दौरे के समय यूरोप के सांसदों ने अफ़ज़ल गुरु को माफ़ी दिए जाने की बात उठाई थी.
इस बारे में पूछने पर राष्ट्रपति कलाम का कहना था, '' कोई दबाव नहीं बनाया गया था. उन्होंने यह मुद्दा उठाया था. यूरोपीय संसद के प्रमुख ने ही मेरे साथ बैठक के दौरान यह बात उठाई थी तो मैंने कहा कि इस मुद्दे पर देश का क़ानून सर्वोपरि है. ''
कलाम ने कहा, ''देश का क़ानून जो भी कहेगा उसका पालन किया जाएगा. क़ानून के अनुसार ही काम किया जाएगा. ''
यूरोपीय देशों में मृत्युदंड पर प्रतिबंध है जबकि भारत में अमरीका और अन्य कई देशों की तरह मृत्युदंड का प्रावधान है.