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शनिवार, 28 अप्रैल, 2007 को 12:25 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता

पाँचवें चरण में 46 फ़ीसदी मतदान

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पाँचवें चरण में कुल 46 फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया है.

पाँचवे चरण में 58 विधानसभा सीटों पर मतदान होना था पर खागा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी की मौत के बाद वहाँ दोबारा चुनाव होगा.

फ़तेहपुर ज़िले की खागा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मुन्नालाल मौर्य की गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी.

मतदान का पहला चरण

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मतदान करने लखनऊ आने वाले थे लेकिन अस्वस्थ होने के कारण वो नहीं आ सके.

हालाँकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

पाँचवे चरण में कुल 862 प्रत्याशी मैदान में थे.

पाँचवें चरण में रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, लखनऊ, उन्नाव, भगवंतनगर और प्रतापगढ़ सहित नौ ज़िलों में विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले गए.

प्रतापगढ़ में तीन विधानसभा क्षेत्र संवेदनशील घोषित हैं जहाँ सुरक्षा के कड़े उपाय किए गए थे. पट्टी से कुख्यात डकैत ददुआ के भाई बालकुमार समाजवादी पार्टी के टिकट से चुनावी मैदान में थे.

मतदान का दूसरा चरण

मतदान केंद्रों की निगरानी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के जवानों को भी लगाया गया था.

सबकी नज़रों में

पाँचवें चरण के मतदान को कई तरह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

महत्व के हिसाब से पाँचवें चरण के मतदान पर सबसे ज़्यादा लोगों की निगाहें टिकी हैं क्योंकि इसमें राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के क्षेत्र आते हैं.

जहाँ एक ओर रायबरेली और अमेठी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र हैं वहीं राज्य की राजधानी लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सांसद हैं.

इस चरण में कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे प्रमोद तिवारी, बाहुबली नेता राजा भैया और अखिलेश प्रताप सिंह समेत कई नेता चुनावी मैदान में हैं.

मतदान का तीसरा चरण

मतदान का चौथा चरण

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

विधानसभा चुनाव के इस चरण के लिए सुरक्षा के ख़ास बंदोबस्त प्रशासन की ओर से किए गए थे.

ख़ासतौर से इस बात पर ध्यान दिया गया कि जिन जगहों से लोग मतदान के लिए नहीं निकल पाते थे, वहाँ से वो मतदान केंद्रों तक जा सकें.

चित्रकूट, रायबरेली, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर की कुछ सीटों पर तो सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए.

चुनाव के मद्देनज़र राज्य पुलिस के अलावा भारी तादाद में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई. साथ ही कुछ जगहों पर लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति भी की गई.

दस्यु नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों के लिए भी प्रशासन ने ख़ास इंतज़ाम किए थे.

राज्य में सात चरणों में मतदान हो रहा है और परिणाम 11 मई को घोषित होंगे.