http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 27 अप्रैल, 2007 को 23:12 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता

दोपहर तक हुआ बीस फ़ीसदी मतदान

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पाँचवें चरण में 57 सीटों पर दोपहर तक 20 फ़ीसदी मतदान हुआ है. इस चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है.

हालांकि पाँचवे चरण में 58 विधानसभा सीटों पर मतदान होना था पर खागा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी की मौत के बाद वहाँ दोबारा चुनाव होगा.

फ़तेहपुर ज़िले की खागा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मुन्नालाल मौर्य की गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी.

मतदान का पहला चरण

सभी जगहों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो रहा है और अभी तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मतदान करने लखनऊ आने वाले थे लेकिन अस्वस्थ होने के कारण वो नहीं आ सके.

हालाँकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

इस चरण में कुल 862 प्रत्याशियों की किस्मत दाँव पर लगी है. क़रीब डेढ़ करोड़ मतदाता इनके भाग्य का फ़ैसला करेंगे.

पाँचवें चरण में रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, लखनऊ, उन्नाव, भगवंतनगर और प्रतापगढ़ सहित नौ ज़िलों में विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं.

प्रतापगढ़ में तीन विधानसभा क्षेत्र संवेदनशील घोषित हैं जहाँ सुरक्षा के कड़े उपाय किए गए हैं. पट्टी से कुख्यात डकैत ददुआ के भाई बालकुमार समाजवादी पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं.

मतदान का दूसरा चरण

मतदान केंद्रों की निगरानी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के जवानों को भी लगाया गया है.

राजा भैया कुंडा विधानसभा क्षेत्र से मैदान में है जहाँ मतदाताओं की लंबी कतारे देखी गईं.

ख़ुद मतदान करने के बाद राजा भैया ने दावा किया कि राज्य में अगली सरकार समाजवादी पार्टी (सपा) की ही बनेगी.

सबकी नज़रों में

पाँचवें चरण के मतदान को कई तरह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

महत्व के हिसाब से पाँचवें चरण के मतदान पर सबसे ज़्यादा लोगों की निगाहें टिकी हैं क्योंकि इसमें राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के क्षेत्र आते हैं.

जहाँ एक ओर रायबरेली और अमेठी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र हैं वहीं राज्य की राजधानी लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सांसद हैं.

ये सभी कद्दावर नेता अपने क्षेत्र के मतदाताओं से रूबरू होकर वोट माँग चुके हैं.

इस चरण में कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे प्रमोद तिवारी, बाहुबली नेता राजा भैया और अखिलेश प्रताप सिंह जैसे लोगों के चुनाव क्षेत्रों पर ख़ास नज़र होगी.

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे ददुआ के भाई और चित्रकूट, उन्नाव, भगवंतनगर सीटों पर भी ध्यान रहेगा.

मतदान का तीसरा चरण

मतदान का चौथा चरण

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

विधानसभा चुनाव के इस चरण के लिए सुरक्षा के ख़ास बंदोबस्त प्रशासन की ओर से किए गए हैं.

ख़ासतौर से इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि जिन जगहों से लोग मतदान के लिए नहीं निकल पाते थे, वहाँ से वो मतदान केंद्रों तक जा सकें.

चित्रकूट, रायबरेली, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर की कुछ सीटों पर तो सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं.

चुनाव के मद्देनज़र राज्य पुलिस के अलावा भारी तादाद में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. साथ ही कुछ जगहों पर लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति भी की गई है.

प्रशासन दस्यु नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों के लिए भी प्रशासन ख़ासी सावधानी बरत रहा है.

राज्य में सात चरणों में मतदान हो रहा है और परिणाम 11 मई को घोषित होंगे.