गुरुवार, 26 अप्रैल, 2007 को 10:28 GMT तक के समाचार
हुर्रियत के कट्टरपंथी गुट के नेता अली शाह गिलानी के कथित भारत विरोधी भाषण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.
लोकसभा में केंद्र सरकार के जवाब से अंसतुष्ट भाजपा सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया.
दूसरी ओर भारत प्रशासित कश्मीर में गिलानी की हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के छह नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि जब ये नेता श्रीनगर में एक पत्रकार वार्ता करनेवाले थे, उस वक्त पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.
हालांकि उनकी गिरफ़्तारी का कोई कारण नहीं बताया गया है.
बढ़ता विवाद
ग़ौरतलब है कि हाल में एक रैली के दौरान गिलानी की ‘भारत विरोधी’ और ‘पाकिस्तान के समर्थन’ में की गईं टिप्पणियों को लेकर एक मामला दर्ज किया गया है.
लोकसभा में भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने ये मामला उठाया और उन्होंने आश्चर्य जताया कि सरकार ने इस मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की है.
उनका कहना था कि 'भारत विरोधी टिप्पणियों के अलावा लश्कर के लोग भी वहाँ मौजूद थे.'
उन्होंने सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की भी माँग की.
जनता दल- यू के प्रभुनाथ सिंह ने उनका समर्थन किया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही हैं. उन्होंने हुर्रियत नेता गिलानी के बयान को देश के लिए ख़तरनाक बताया.
सीपीआई के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी आलोचना की जानी चाहिए.
साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की पाकिस्तान के साथ संबंधों को सामान्य करने की कोशिशों का स्वागत किया और कहा कि यह प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए.
रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि सरकार इस मामले पर बयान देगी लेकिन उन्होंने तत्काल इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार कर दिया.
रक्षा मंत्री के बयान से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया.