सोमवार, 23 अप्रैल, 2007 को 10:21 GMT तक के समाचार
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण पर लगी रोक के मामले में केंद्र सरकार की याचिका को ख़ारिज कर दिया है.
आदेश में कहा गया है कि ओबीसी लोगों को इस वर्ष आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा.
ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 मार्च को आगामी शैक्षणिक सत्र में उच्च शैक्षणिक संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) को आरक्षण देने के फ़ैसले पर रोक लगा दी थी.
इसके बाद पिछले सोमवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी देकर उच्च शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी आरक्षण पर लगाई गई रोक वापस लेने की अपील की थी.
सरकार ने इस मामले की सुनवाई के लिए पाँच न्यायाधीशों वाली संवैधानिक पीठ का गठन करने की भी माँग की थी.
सरकार ने अपनी दलील में कहा कि मंडल मामले में नौ सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने ओबीसी आरक्षण पर मुहर लगाई थी और यह सभी संबंधित पक्षों के लिए लागू होती है.
आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से इस बारे में दी गई दलीलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
अपना आदेश सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में कोर्ट की ओर से 29 मार्च को जो आदेश दिया गया था, उसमें कोई संशोधन नहीं किया जाएगा.
अदालत ने कहा है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी को आरक्षण के लिए जहाँ 56 वर्षों तक इंतज़ार किया गया है वहाँ छह महीने और इंतज़ार किया जा सकता है.
आदेश में यह भी कहा गया है कि आरक्षण की व्यवस्था लागू करने से पहले नियम बनाने ज़रूरी हैं.