रविवार, 22 अप्रैल, 2007 को 21:14 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम के बीच 57 सीटों के लिए मतदान समाप्त हो गया है. कुल 46 प्रतिशत मतदान हुआ है.
शुरू में मतदान की रफ़्तार काफ़ी धीमी रही और केंद्रों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए.
बाराबंकी में एक केंद्र पर पोलिंग एजेंट के न पहुँचने से मतदान सुबह सवा सात बजे से शुरू हो सका.
दस ज़िलों में फैले इन विधानसभा सीटों के लिए लगभग डेढ़ करोड़ मतदाताओं ने 922 उम्मीदवारों के बीच से अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए वोट डाला.
इससे पहले के तीन चरणों में कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से हो मतदान चुका है.
पहली बार 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं. मतगणना 11 मई को होगी.
कड़ी सुरक्षा
इस चरण में जिन 57 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं उनमें 2002 के चुनाव में 31 सीटों पर समाजवादी पार्टी, 14 पर भाजपा, नौ पर बसपा और दो पर कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी रहा था. एक सीट अन्य के खाते में गई थी.
इस चरण में उत्तर प्रदेश के श्रममंत्री वक़ार अहमद शाह, लोक निर्माण मंत्री अरविंद सिंह गोपे और कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल और आरिफ़ मोहम्मद ख़ान की पत्नी रेशमा आरिफ़ का भी फ़ैसला होना है.
प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी एके बिश्नोई के अनुसार इस चरण में 66 महिलाएँ भी मैदान में हैं.
इस चरण के लिए 15 हज़ार 233 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिनमें 18 हज़ार 100 वोटिंग मशीनें लगाई गई हैं.
नेपाल की सीमा से सटे खीरी, बहराइच, बस्ती, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर की सीमाएँ सील कर दी गई थीं.
मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार सभी 57 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को सुरक्षा का भरोसा दिलवाने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को फ्लैग मार्च के आदेश दिए गए हैं.
उन्होंने जानकारी दी है कि 60 हज़ार से अधिक राज्य पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 660 कंपनियाँ नियुक्त की गई हैं.