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रविवार, 22 अप्रैल, 2007 को 10:58 GMT तक के समाचार

भारत ने किया ब्रह्मोस का सफल परीक्षण

भारत ने ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल रूस के सहयोग से विकसित की गई है.

रविवार को चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) से स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर ब्रह्मोस को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रक्षेपित किए जाने के कुछ ही सेकेंड बाद मिसाइल अपने पूर्वनिर्धारित लक्ष्य का रुख़ कर अदृश्य हो गई और आसमान में धुएँ का गुबार रह गया.

सफल परीक्षण

वैज्ञानिकों ने इस परीक्षण को 'बेहद सफल' बताया है. आठ मीटर लंबी इस मिसाइल का वज़न तीन टन है. इसकी गति ध्वनि से कहीं ज़्यादा लगभग 2.823 मैक है.

इसकी मारक क्षमता लगभग 290 किलोमीटर है.

ब्रह्मोस मिसाइल को ज़मीन, पनडुब्बी, जहाज़ और विमान से प्रक्षेपित किया जा सकता है और ये 200 से लेकर 300 किलोग्राम तक के पारंपरिक हथियार ले जा सकती है.

ब्रह्मोस का यह 14वाँ परीक्षण है. पहली बार इसका परीक्षण 12 जून 2001 में किया गया था.

सहयोग

ब्रह्मोस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस का एनपीओ माशिनिस्त्रोयेमिया मिलकर विकसित कर रहे हैं.

इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है.

ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवातनु पिल्लै ने हाल ही में कहा था कि भारत इस वर्ष के अंत तक ब्रह्मोस का पनडुब्बी परीक्षण की तैयारी में है.

उन्होंने ये भी कहा था कि रक्षा वैज्ञानिक सुखोई-30 लड़ाकू जेट विमानों को ब्रह्मोस से लैस करने की योजना पर भी काम कर रहे हैं.