शनिवार, 21 अप्रैल, 2007 को 16:00 GMT तक के समाचार
रेणु अगाल
बीबीसी संवाददाता, पांडिचेरी से
पांडिचेरी या पुडुचेरी में जब रिटायर्ड लेफ़्टिनेन्ट कर्नल मोहम्मद मुस्तफ़ा फ्रांस में राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार फ्रांसुवा बेरू के लिए वोट माँगते दिखते हैं तो कुछ हैरत तो होती है, लेकिन ये इतना आश्चर्यजनक भी नहीं है.
मुस्तफ़ा फ्रांस से मीलों दूर पांडिचेरी में वोट इसलिए माँगते नज़र आए क्योंकि वहाँ 5400 मतदाता है जो फ्रांस के राष्ट्रपति के चुनाव में अपना वोट डाल सकते हैं.
रविवार को फ़्रांस में पहले चरण का मतदान रविवार को हो रहा है और दूसरे चरण का चुनाव छह मई को होगा.
इस चुनाव में समाजवादी नेता सीगोलें रॉयाल, मध्यमार्गी फ्रांसुवा बेरू, दक्षिणपंथी नेता जाँ मारी ले-पेन और निकोलस सार्कोज़ी मैदान में हैं.
पांडिचेरी में मतदान के लिए चार मतदान केंद्र बनाए गए हैं. फ्रांसीसी नागरिकता प्राप्त यहाँ के लोगों के घर फ्रांसीसी टेलीविज़न पर ही नज़र रखी जा रही है.
फ्राँसीसी वाणिज्य दूतावास से जानकारी
मोहम्मद मुस्तफ़ा फ्रांस के बाहर और फ्रांस के पूर्व साम्राज्य से जुड़े देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले ऊपरी सदन के सदस्य भी रह चुके हैं. वे 29 साल वहाँ की वायुसेना में काम कर चुके हैं.
ऐसा नहीं है कि यहाँ पोस्टर और झंडे आपको नज़र आएँ, पर मुस्तफ़ा बताते हैं कि सभी उम्मीदवारों की जानकारी फ्राँसीसी वाणिज्य दूतावास नागरिकों तक पहुँचता है. बड़ी पार्टियाँ मीटिंग करती हैं, पर ज़्यादातर घर-घर जाकर प्रचार होता है.
फ्रांस से इतना दूर होते हुए क्या हो सकती है इन चुनावों की यहाँ अहमियत - ये सवाल उठना लाज़मी भी है. पर क्लॉड मॉरियज़ जो कि फ्रांसीसी नागरिक है और फ्रांस के बाहर सबसे पुराने फ्रेंच-भाषी मासिक के संपादक हैं, बताते हैं कि चुनाव बहुत अहम है.
फ़्रांस से रिश्ता
फ्रांसीसी नागरिकों को वहाँ की सरकार से सामाजिक सुरक्षा के लिए धन मिलता है, पेंशन मिलती है और सही सरकार का चुनाव इसलिए बहुत ज़रूरी हो जाता है.
पांडिचेरी का फ्रांसीसी मतदाता आमतौर पर जनरल डी गॉल का समर्थक रहा है. पर हाल में वह मितराँ, शिराक़, डीकू को समर्थन देता रहा है.
2002 के चुनावों में यहाँ के 60 प्रतिशत मतदाताओं का हाथ ज्याक़ शिराक़ के साथ था.
शादी के पंजीकरण, मुफ़्त शिक्षा, आव्रजन नीति जैसे मुद्दों पर फ्रांस के नेता क्या कहते हैं. इसे यहाँ बहुत ध्यान से सुना जाता है.
साथ ही यहाँ स्थित फ्रांस इंस्टीच्यूट के आनंद पाकियान कहते हैं कि जुड़ाव इससे भी पैदा होता है कि वे वहाँ जाते हैं, शिक्षा प्राप्त करते हैं. कुछ वहाँ रहने लगते हैं तो कुछ वापिस आ जाते हैं. इनमें से कई के रिश्तेदार फ्रांस में रहते हैं. कई घरों का फ़्रांस से रोटी-बेटी का रिश्ता है.
साथ ही अगर फ्रांस के बाहर सबसे पुराना फ्रांसीसी अख़बार आपके शहर से छपता हो, सबसे पुराना फ्रैंच स्कूल आपके शहर में हो और आपके आसपास की इमारतें और यहाँ तक की पुलिस वाले की ऊँची लाल टोपी फ्रांस की याद दिलाती हो तो फिर चुनाव में कई सौ किलोमीटर का फासला, ज़्यादा दूरी का आभास नहीं देता.