शनिवार, 21 अप्रैल, 2007 को 05:51 GMT तक के समाचार
भूटान के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. वहाँ 100 वर्षों पुरानी राजशाही को समाप्त करने के लिए शनिवार को चुनावों का अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है.
इस अभ्यास का मक़सद अगले साल होनेवाले चुनावों से लोगों को परिचित करना है.
ये अभ्यास बिल्कुल असली जैसा होगा, इसमें नक़ली पार्टिया होंगी और उनके घोषणापत्र भी होंगे.
इस दौरान चार पार्टियाँ होंगी और मतदाता इनमें से एक का चुनाव करेंगे.
इस चुनावी अभ्यास में लगभग 10 हज़ार अधिकारी हिस्सा लेंगे. साथ ही चुनावों में भारत के पर्यवेक्षक होंगे.
भूटान 2008 में एक नए संविधान के तहत संसदीय लोकताँत्रिक देश बन जाएगा.
इन चुनावों से भूटान में शाही राज का अंत हो जाएगा और संवैधानिक लोकतंत्र की शुरुआत हो जाएगी.
दो चरणों में चुनाव
भूटान में अगले साल चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण के चुनाव में कोई भी पार्टी या उम्मीदवार चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं.
लेकिन देश के संविधान को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण के चुनाव में सिर्फ़ उन दो पार्टियों को ही चुनाव में शामिल होने दिया जाएगा जिन्हें पहले चरण में सबसे ज़्यादा वोट मिलेंगे.
जिस पार्टी के उम्मीदवार ज़्यादा सीट जीतेंगे उसी को सरकार बनाने का मौक़ा दिया जाएगा.
अगले साल एक अंतरिम संविधान को अपनाया जाएगा जिसके अनुसार संसद में दो सदनों में से ऊपर के सदन में 20 सीटें होंगी और निचले सदन में 75 सीटें होंगी.
राजा वांगचुक ने 2006 में खु़द गद्दी छोड़ दी थी और उसे अपने पुत्र को सौंप दिया था.
उन्होंने 1998 की शुरुआत में ही लोकतंत्र की तरफ क्रमबद्ध शुरुआत कर दी थी.
उन्होंने देश में राष्ट्रीय सभा या संसद बनाकर मंत्रिपरिषद का गठन कर दिया था और उसे देश का प्रशासन चलाने की ज़िम्मेदारी दे दी थी.