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बुधवार, 18 अप्रैल, 2007 को 19:11 GMT तक के समाचार

पार्टी से निलंबित किए गए बाबूभाई कटारा

अपनी पत्नी के पासपोर्ट पर किसी और को विदेश ले जाते हुए पकड़े गए भारतीय जनता पार्टी के सांसद बाबूभाई कटारा को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है.

गुजरात के दाहोद से भाजपा सांसद बाबूभाई कटारा बुधवार को अपनी पत्नी के पासपोर्ट पर किसी अन्य महिला को दिल्ली से कनाडा यात्रा पर ले जाते हुए पकड़े गए.

उनके ख़िलाफ धोखाधड़ी और जालसाज़ी का मामला दर्ज़ किया गया है.

हाल में जनप्रतिनिधियों के कथित ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के कुछ मामले सामने आए हैं. मसलन, पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का मामला और सासंद निधि फंड का विवाद. क्या इसके लिए व्यक्ति विशेष ज़िम्मेदार हैं या फिर राजनीतिक व्यवस्था. दोषी सांसदों के ख़िलाफ़ किस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए. अपने विचार साथ में दिए गए फ़ॉर्म की मदद से हिंदी में लिखकर भेजें और यहाँ क्लिक कर अपने विचार पढ़ें.

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि कटारा को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित करने के आदेश पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने दिए हैं.

लोकसभा में पार्टी के नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने भी कहा कि पार्टी अध्यक्ष के निर्देशों के अनुसार कटारा को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है.

सांसद कटारा बुधवार की सुबह दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कनाडा के टोरंटो के लिए रवाना हो रहे थे.

यात्रा के दौरान उनके साथ एक महिला भी थीं जो सांसद की पत्नी के पासपोर्ट पर यात्रा करने जा रही थीं.

सफ़र पर हमसफ़र नहीं

एजेंसियों के मुताबिक सांसद की पत्नी का नाम शारदा बेन है पर जो महिला सांसद के साथ उनकी पत्नी के तौर पर यात्रा कर रही थीं, उनका नाम परमजीत है.

सांसद और यह महिला कुछ सुरक्षा घेरे पार भी कर चुके थे पर बाद में सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि सांसद के साथ यात्रा कर रही महिला दरअसल वो नहीं हैं जिनके नाम और तस्वीर वाले पासपोर्ट पर वो यात्रा कर रही हैं.

इसके बाद उन्हें यात्रा पर जाने से रोक दिया गया. सुरक्षा जाँच एजेंसियों के लोग सांसद और इस महिला से पूछताछ कर रहे हैं.

उधर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस बारे में पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद इस तरह के मामलों में पहले भी लिप्त पाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में सख़्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि इस तरह के मामलों को रोका जा सके.

दाहोद गुजरात की अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित संसदीय सीट है.