रविवार, 15 अप्रैल, 2007 को 13:54 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि 'उनके देश को तोड़ने' के बारे में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान से भारत की 'सोच की असलियत' सामने आई है.
राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कहा है कि 1971 में पाकिस्तान का टूटना उनके परिवार की उपलब्धि है.
चुनाव प्रचार में राहुल गांधी ने कहा, " हमारा (गांधी) परिवार कोई काम करने की ठान लेता है तो उसे पूरा करता है. पहले भी गांधी परिवार के सदस्यों ने उन लक्ष्यों को हासिल किया है जो उन्होंने तय किए थे, जैसे भारत की आज़ादी, पाकिस्तान को तोड़ना और देश को 21वीं सदी तक ले जाना."
तसनीम असलम ने राहुल गांधी के बयान के बारे में कहा," हम ऐसे बयानों पर अधिक ध्यान नहीं देते, 1971 में क्या हुआ यह तो सबके सामने है. हम शुरू से ही जानते हैं कि भारत की कोशिश पाकिस्तान को अस्थिर करने और उसके अंदरूनी मामलों में दख़लंदाज़ी करने की रही है. यह उसी कड़ी का एक हिस्सा है. इसमें नई बात नहीं है."
उन्होंने कहा, "1971 में तो एक बहाना था कि बंगालियों को बचाने के लिए भारत ने ऐसा किया, इस बार तो वह बहाना भी नहीं है. भारत ने स्वीकार कर लिया है कि उसने पाकिस्तान के मामलों दखलंदाज़ी की, उस रूलिंग फैमिली के एक व्यक्ति ने यह बात मान ली है."
जब उनसे बीबीसी ने पूछा कि क्या ये बात पाकिस्तान भारत के सामने उठाएगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "इसमें नई बात क्या है, हमें इस पर कोई ताज्जुब नहीं हुआ. "
'ध्यान नहीं देते'
तसनीम असलम को जब याद दिलाया गया कि राहुल गाँधी ने उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के दौरान यह बात कही है तो उन्होंने कहा, "हमें इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि वहाँ क्या माहौल है, हम ऐसी बातों पर बहुत ध्यान नहीं देते."
1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ था.
पिछले महीने ही राहुल गांधी के अन्य बयान को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था.
उन्होंने कहा था कि अगर गांधी परिवार राजनीति में सक्रिय होता तो बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना नहीं हुई होती.
राहुल गांधी ने कहा था कि जब वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया उस समय उनका परिवार राजनीति में सक्रिय नहीं था.
उधर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी की प्रशांसा की. मनमोहन सिंह ने कहा, "राहुल गांधी आपका भविष्य है. वे आपके लिए ही पसीना बहा रहे हैं."
उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए ये मनमोहन सिंह का पहला दौरा था.