रविवार, 15 अप्रैल, 2007 को 18:33 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी शहर कराची में हज़ारों लोगों ने एक कट्टरपंथी मस्जिद और एक मदरसे के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है.
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन मुत्ताहेदा क़ॉमी मूवमेंट यानी एमक्यूएम ने किया था जो राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की नीतियों का समर्थन करती है.
पिछले हफ़्ते इस्लामाबाद स्थित लाल मस्जिद के मुख्य मौलवी मौलाना अब्दुल अज़ीज़ ने 'अश्लील' गतिविधियों को रोकने के लिए इस्लामी कोर्ट की स्थापना करने की घोषणा की थी.
उन्होंने ये भी कहा था कि मस्जिद की नीतियों से इतर जाने पर वो पाकिस्तान सरकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे.
मौलाना अब्दुल अज़ीज़ ने सरकार से एक माह के भीतर इस्लामाबाद में सभी वीडियो दुकानों और वेश्यालयों को बंद करने को कहा था.
इसी मदरसे की छात्राओं ने पिछले महीने यह कहते हुए एक महिला को बंधक बना लिया था कि वो वेश्यालय चला रही है.
संवाददाताओं का कहना है कि पाकिस्तान सरकार इस मदरसे के शिक्षकों और छात्रों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में असहाय महसूस कर रही है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक एमक्यूएम नेता अल्ताफ़ हुसैन ने रैली को लंदन से टेलीफ़ोन के ज़रिए संबोधित करते हुए कहा, "इन धार्मिक चरमपंथियों के कारण इस्लामाबाद के लोग असुरक्षित हैं और भय में जी रहे हैं."
उन्होंने लाल मस्जिद और इसके निकट स्थित जामिया हफ़सा मदरसा पर इस्लाम को बदनाम करने का आरोप लगाया.