शनिवार, 14 अप्रैल, 2007 को 23:25 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस को मुनाबाओ में गहन तलाशी के बाद जोधपुर के लिए रवाना कर दिया गया है.
ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इस रेलगाड़ी में कुछ 'अवांछित' लोगों के सवार होने और विस्फ़ोटक होने की आशंका जताई थी और मुनाबाओ में रोककर ट्रेन की गहन तलाशी की गई.
तलाशी के बाद सभी यात्रियों का सामान एक ही डिब्बे में रख दिया गया है ताकि अगर कोई विस्फ़ोट हो तो किसी की जान न जाए.
गहन जांच पड़ताल के बाद खुफ़िया सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि असल में एक व्यक्ति पाकिस्तान जाना चाहता था लेकिन उसकी भारत में रहने की वीसा अवधि ख़त्म हो चुकी थी जिसके बावजूद वो शुक्रवार को पाकिस्तान का टिकट लेने जोधपुर पहुंचा.
यह व्यक्ति पाकिस्तान का नागरिक था और भारत से पाकिस्तान जा रहा था लेकिन उसका भारत का वीसा ख़त्म हो चुका था जिसकी जानकारी उस व्यक्ति को नहीं थी.
उस व्यक्ति को टिकट नहीं दिया गया लेकिन रेलवे अधिकारियों ने इसकी सूचना खुफ़िया अधिकारियों को दे दी थी.
इस घटना के मद्देनज़र ख़ुफिया अधिकारियों ने अत्यधिक सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को रोका और तलाशी ली.
उल्लेखनीय है कि दो महीने पहले जब समझौता एक्सप्रेस में विस्फ़ोट हुआ था तो ख़बर आई थी कि कुछ लोगों को बिना वीसा के ही टिकट दे दिया गया था.
बाड़मेर पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार ट्रेन अभी भी मुनाबाओ स्टेशन पर है और सुरक्षा जांच जारी है और कुछ देर में ट्रेन जोधपुर के लिए रवाना हो जाएगी.
पश्चिमोत्तर रेलवे के मंडलीय सुरक्षा आयुक्त महेश्वर सिंह ने देर रात बीबीसी को बताया, "हमें ख़ुफ़िया एजेंसियों से ये जानकारी मिली थी कि रेलगाड़ी में कुछ ऐसा हो सकता है जिससे यात्रियों को नुकसान पहुँचे. इसीलिए ये तलाशी ली जा रही है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह रिपोर्ट मिलने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने मुनाबाओ रेलवे स्टेशन पर थार एक्सप्रेस को चारों ओर से घेर लिया.
यह ट्रेन पाकिस्तान के खोखरापार से 359 यात्रियों को लेकर आ रही है. एहतियाती तौर पर सभी यात्रियों और उनके हैंडबेग की तलाशी ली जा रही है.
साथ ही स्टेशन के निकट एंबुलेंस और अग्निशमन दस्ते को भी तैयार रहने को कहा गया है.
सुरक्षाकर्मियों ने पाकिस्तान से लगी सीमा तक रेलवे लाइन की भी जाँच-पड़ताल की है.
थार एक्सप्रेस ट्रेन भारत और पाकिस्तान के बीच दोस्ती के पैगाम की तरह है और दोनों देशों ने परस्पर विश्वास बहाली के उपायों के तहत इसे चलाने का फ़ैसला किया है.