शनिवार, 14 अप्रैल, 2007 को 17:44 GMT तक के समाचार
भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने ज़ोर देकर कहा है कि भारत का मिसाइल कार्यक्रम किसी देश के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि आत्मरक्षा के लिए है.
हाल ही में भारत ने तीन हज़ार किलोमीटर तक मार करने वाले अग्नि-3 मिसाइल का परीक्षण किया है.
बंगलौर में पत्रकारों से बातचीत में रक्षा मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक इसका फ़ैसला करेंगे कि अग्नि-3 मिसाइल को काम के लायक़ बनाने में कितने और परीक्षणों की आवश्यकता पड़ेगी.
एके एंटनी ने कहा, "ऐसे परीक्षण जारी रहेंगे. हम अग्नि मिसाइलों का परीक्षण करते रहेंगे. हमारा मिसाइल कार्यक्रम किसी देश के ख़िलाफ़ नहीं है."
गुरुवार को ही भारत ने अग्नि-3 मिसाइल का परीक्षण किया था, जो तीन हज़ार किलोमीटर तक मार कर सकता है.
प्रशंसा
रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों की जम कर तारीफ़ की और कहा कि अग्नि-3 के परीक्षण ने यह साबित कर दिया है कि जब भी जैसी ज़रूरत पड़ी वैज्ञानिक मिसाइल बना सकते हैं.
मिसाइल कार्यक्रम के बारे में राजनीतिक इच्छाशक्ति पर जब पत्रकारों ने सवाल पूछे तो रक्षा मंत्री ने कहा, "भारत के पास हमेशा से मिसाइल कार्यक्रम को लेकर इच्छाशक्ति रही है. हम इसे प्रदर्शित नहीं करना चाहते."
एके एंटनी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अग्नि-1 और अग्नि-2 मिसाइल सही समय पर सेना को सौंपे जाएँगे. उन्होंने यह भी कहा कि इसमें देरी नहीं की जाएगी.
नौ महीने पहले अग्नि-3 मिसाइल का परीक्षण नाकाम हो गया था. लेकिन रक्षा मंत्री का कहना था कि इससे देश के वैज्ञानिक निराश नहीं हुए थे.
पड़ोसी देशों ख़ासकर चीन से रिश्तों के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि सीमा पर स्थिति पहले से बेहतर है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ विवादित मसलों पर बातचीत जारी रहेगी.