मंगलवार, 10 अप्रैल, 2007 को 08:35 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि वह तालेबान विद्रोहियों की गतिविधियों पर काबू पाने के लिए अगले साल तक अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाकर दोगुनी कर देगा.
ऑस्ट्रेलिया के इस समय अफ़ग़ानिस्तान में साढ़े पाँच सौ सैनिक तैनात हैं और वे नैटो के नेतृत्ववाली बहुराष्ट्रीय सेनाओं की मदद कर रही हैं.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने घोषणा की है कि अतिरिक्त सैनिक कुछ ही महीनों में भेज दिए जाएँगे.
इनमें विशेष सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं जिनकी अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत उरुज़गान में तैनाती की जाएगी ताकि वे तालेबान की गतिविधियों पर अंकुश लगा सकें.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का कहना था कि बहुराष्ट्रीय सेनाएँ संघर्ष में हार तो नहीं रहीं लेकिन बिना कोशिशों को तेज़ किए हुए वे जीत नहीं पाएंगीं.
दूसरी ओर रविवार को दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सैनिकों पर एक हमला हुआ था जिसमें छह सैनिक मारे गए थे.
पिछले कुछ महीनों में यह नैटो सैनिकों पर यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में तालेबान नैटो को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.
पिछले साल तालेबान और नैटो के बीच ज़ोरदार संघर्ष हुआ था जिसमें कम से कम 4000 लोग मारे गए थे जिनमें एक तिहाई आम नागरिक थे.