सोमवार, 09 अप्रैल, 2007 को 08:15 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
सीडी विवाद के विरोध में लखनऊ में गिरफ़्तार होने पहुँचे भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को हजरतगंज पुलिस ने गिरफ़्तार करने से इनकार कर दिया है.
अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता विवादित सीडी मामले में भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज करवाए जाने के विरोध में लखनऊ पहुँचे थे.
उधर चुनाव आयोग ने कहा है कि इस प्रकरण पर बुधवार को सुनवाई की जाएगी.
ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों चुनाव प्रचार में इस्तेमाल की जा रही एक सीडी को लेकर भाजपा के कई नेता विवादों के घेरे में आ गए थे.
इस सीडी में कई ऐसी बातों की ज़िक्र होने की बात कही जा रही है जो सांप्रदायिकता भड़काने वाली हैं. इसमें कई ऐसी बातें कही गई थीं जो मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ भड़काने वाली थीं.
चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया. भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और नेता लालजी टंडन के ख़िलाफ़ एक एफ़आईआर भी लखनऊ में दर्ज करा दी गई है.
इस सीडी को भाजपा के वरिष्ठ लालजी टंडन और अन्य कई नेताओं ने जारी किया था और इसीलिए अब भाजपा के कई नेता इसके कारणों विवादों में घिर गए हैं.
गिरफ़्तारी से इनकार
सोमवार को दोपहर 12 बजे के क़रीब कई वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और लालजी टंडन गिरफ़्तारी देने के लिए हजरतगंज कोतवाली पहुँचे.
पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से इनकार करते हुए कहा कि अभी इस मामले की विवेचना चल रही है और गिरफ़्तारी के लिए सबूत नहीं है इसलिए किसी को गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता है.
राजनाथ सिंह के साथ पूर्व पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी, वेंकैया नायडु, यशवंत सिन्हा और कलराज मिश्र जैसे वरिष्ठ नेता भी कोतवाली पहुँचे.
इस दौरान थाने के बाहर खड़े सैकड़ों कार्यकर्ता जय श्री राम और वंदेमातरम के नारे लगाते रहे. इस पूरे घटनाक्रम से स्थानीय दुकानदारों में डर पैदा हो गया था और कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए थे.
राज्य प्रशासन की ओर से बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उससे निपटा जा सके.
विरोध
कोतवाली जाने से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, "चुनाव आयोग ने संवैधानिक मर्यादा से बाहर जाकर यह पक्षपात काम किया है. एक ही मामले में दो-दो एफ़आईआर कैसे दर्ज किए जा सकते हैं और इससे मेरा नाम कैसे जोड़ा गया जबकि मैं इस बारे में कुछ नहीं जानता था."
इस मसले पर बातचीत में लालजी टंडन ने कहा, "चुनाव आयोग नेताओं को नोटिस जारी करता रहा है. पहले सोनिया गांधी और मुलायम सिंह यादव को भी नोटिस जारी किया जा चुका है पर हमें न तो नोटिस दिया न जवाब मांगा और एफ़आईआर दर्ज करा दी गई."
भाजपा ने अपने इस विरोध को दर्ज कराने के लिए नौ अप्रैल को जनाक्रोश दिवस घोषित किया है.