सोमवार, 09 अप्रैल, 2007 को 13:29 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के एक विवादित इस्लामी अदालत यानी शरिया अदालत ने देश की पर्यटन मंत्री नीलोफ़र बख़्तियार के ख़िलाफ़ फ़तवा जारी किया है.
अदालत ने अख़बार में छपी एक तस्वीर पर आपत्ति जताई है और कहा है कि उन्होंने अश्लील तरीके से तस्वीर खिंचवाई है.
दरअसल नीलोफ़र बख़्तियार पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भूकंप प्रभावितों के लिए धनराशि जुटाने के लिए फ़्रांस गई थीं और पैराग्लाइडिंग कर रही थीं.
पाकिस्तानी अख़बारों में उनकी एक तस्वीर छपी है जिसमें वे कथित रुप से एक पुरुष को गले लगा रही हैं.
इस्लामाबाद की लाल मस्जिद के मौलवी अब्दुल अज़ीज़ ने माँग की है कि नीलोफ़र बख़्तियार को उनके पद से हटा दिया जाए.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक नीलोफ़र बख़्तियार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है, "मैने जो कुछ किया उसके लिए मैं शर्मिंदा नहीं हूँ."
जबकि रॉयटर्स के मुताबिक अब्दुल अज़ीज़ ने कहा, " नीलोफ़र बख़्यितार ने जो किया वो ग़ैर-इस्लामी था. उन्होंने इस्लाम के नाम को ख़राब किया है और सज़ा मिलनी चाहिए."
वहीं एपी ने लिखा है कि पाकिस्तानी सूचना उप मंत्री तारिक़ अज़ीम ने फ़तवे की आलोचना की है और कहा है कि मस्जिद के साथ सरकार के मतभेदों को सुलझाया जाएगा.
महिला मंत्री की हत्या
मौलवी अब्दुल अज़ीज़ की अगुआई में कई मौलवियों ने पिछले हफ़्ते तालेबान की तर्ज पर इस्लामिक कोर्ट शुरु करने की घोषणा की थी.
इन लोगों ने घोषणा की थी कि अगर उनके समर्थकों के ख़िलाफ़ क़दम उठाए थे तो वो आत्मघाती हमले करेंगे.
फ़रवरी में पाकिस्तानी पंजाब की समाज कल्याण मंत्री ज़िल्ले हुमा की एक बंदूकधारी ने गोली मार कर हत्या कर दी थी.
पुलिस के मुताबिक, जाँच के दौरान हमलावर ने कहा था कि उच्च पदों पर महिलाओं का आना ख़ुदा के नियमों के ख़िलाफ़ है और पुरुषों को नीचा दिखाने का एक प्रयास है.
ज़िल्ले हुमा सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग की एक सक्रिय सदस्या थीं और उनकी हत्या उस समय की गई जब वह एक राजनीतिक सभा को संबोधित करने जा रही थीं.