शनिवार, 07 अप्रैल, 2007 को 20:53 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान से लगी सीमा पर स्थानीय पश्तून क़बायलियों से हुई झड़पों के बाद पाकिस्तानी सेना ने क़बायली इलाक़े में प्रवेश कर लिया है.
ख़बरें हैं कि अफ़ग़ान सीमा से लगे वज़ीरिस्तान के इलाक़े में कई जगह अभी भी लड़ाई जारी है.
अधिकारियों का दावा है कि पिछले एक महीने में इन तीखी झड़पों में क़रीब 250 लोगों की मौत हुई है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि मरने वालों की संख्या इससे कम है.
अधिकारियों का कहना है कि वह वज़ीरिस्तान के मुख्य शहर वाना के दक्षिण में शीन वारसाक की पहाड़ियों में सेना पहुँच गई है.
दो साल पहले क़बायली नेताओं के साथ हुए एक समझौते के बाद वहाँ पहली बार सेना ने प्रवेश किया है.
सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि क़बायलियों द्वारा उज़्बेक इस्लामिक चरमपंथियों को वहाँ से खदेड़े जाने के बाद इलाक़े की सुरक्षा के लिए सेना को वहाँ भेजा गया है.
हाल ही तक उज़्बेक चरमपंथी अलक़ायदा और तालेबान से जुड़े अन्य विदेशी चरमपंथी इस सीमाप्रांत में पनाह लिए रहते थे.
सरकार का कहना है कि उसके साथ हुए समझौते के बाद से स्थानीय क़बायली लोग इन विदेशी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ हो गए हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेना क़बायली नेताओं को हथियार और दूसरी सहायता दे रही है जबकि कुछ क़बायली कमांडर उज़्बेक चरमपंथियों के साथ हो गए हैं.
जबकि तालेबान लड़ाके किसी तरह के समझौते की कोशिश कर रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता बारबारा प्लेट का कहना है कि तालेबान लड़ाकों के लिए पाक सीमा पर इस तरह की लड़ाई उनका ध्यान अफ़ग़ानिस्तान से हटाती है.
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि यह कहना मुश्किल है कि इस लड़ाई से वास्तव में कौन ताक़तवर बनकर उभरेगा.