शनिवार, 07 अप्रैल, 2007 को 08:39 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
हिज़बुल मुजाहिदीन ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए जारी बातचीत में चरमपंथी नेतृत्व को भी शामिल करना चाहिए.
हिज़बुल के एक प्रवक्ता जुनैदुल इस्लाम ने स्थानीय समाचार एजेंसी सीएनएस से कहा, "बातचीत से कोई तब तक कोई नतीज़ा नहीं निकल सकता जब तक कि चरमपंथियों को भी इसमें शामिल नहीं किया जाता."
उन्होंने हुर्रियत कॉंफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने यूनाईटेड जेहादी काउंसिल के नेता सैयद सलाहुद्दीन को भी भारत-पाकिस्तान के बीच जारी शांति वार्ता में शामिल करने की माँग की है.
जुनैदुल इस्लाम ने कहा, "उमर अब्दुल्ला का बयान मौजूदा परिस्थितियों के अनुरुप है."
उनका कहना है, "पारंपरिक राजनेताओं और तुक्के में बने नेताओं के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं है सिवाय फोटो सेशन के."
हालाँकि जुनैदुल ने ये स्पष्ट नहीं किया कि क्या सैयद सलाहुद्दीन भारत सरकार के साथ बात करने पर राजी हो जाएँगे या त्रिपक्षीय वार्ता के पुराने रूख़ पर कायम रहेंगे .
हाल ही में सलाहुद्दीन ने कश्मीर पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के चारसूत्रीय फॉर्मूले का स्वागत किया था.
उन्होंने कहा था कि यह कश्मीर मसले के समाधान की दिशा में पहला क़दम हो सकता है.