गुरुवार, 05 अप्रैल, 2007 को 09:26 GMT तक के समाचार
चुनाव आयोग विवादास्पद सीडी के मामले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराया है.
भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई ने इस सीडी को जारी किया था लेकिन विभिन्न दलों की कड़ी आपत्ति के बाद पार्टी ने इसे एक दिन बाद ही वापस ले लिया.
इस सीडी में बाबरी मस्जिद, गोधरा कांड और मुसलमानों के बारे में टिप्पणियाँ हैं जिन्हें आपत्तिजनक माना जा रहा है.
ये सीडी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार के उद्देश्य से जारी की गई थी जिसे पूरे प्रदेश में बाँटा जाना था.
सीडी को प्रदेश भाजपा नेता लालजी टंडन ने लखनऊ में जारी किया था लेकिन विभिन्न दलों की आपत्ति के बाद उन्होंने स्वंय को इस मामले से अलग कर लिया.
लालजी टंडन ने बाद में दावा किया कि उन्हें इस सीडी में दिखाई जाने वाली बातों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और इसे जारी नहीं किया जाना चाहिए था.
साथ ही उन्होंने भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता मनोज मिश्रा को हटाए जाने की घोषणा की.
पल्ला झाड़ा
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस पूरे मामले से अपने को अलग कर लिया है. पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सीडी 'अनधिकृत' थी.
राज्य में भाजपा के विरोधी दलों ने आरोप लगाया है कि सीडी को बड़े पैमाने पर जान बूझकर जारी किया गया ताकि राज्य में सांप्रदायिक माहौल तैयार कर ध्रुवीकरण किया जा सके.
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामशरण दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कथित 'धार्मिक घृणा फैलाए जाने' के लिए भाजपा के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की मांग की थी.
पूर्व प्रधानमंत्री और संयुक्त प्रगतिशील जनमोर्चा के नेता वीपी सिंह ने इसे केवल चुनावी माहौल के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ख़तरा बताया.
उन्होंने चुनाव आयोग से भाजपा की मान्यता समाप्त कर देने की माँग की.