सोमवार, 02 अप्रैल, 2007 को 21:27 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत सरकार ने भारत प्रशासित राज्य जम्मू-कश्मीर में कथित फर्ज़ी मुठभेड़ों और हिरासत में हुई मौत के मामलों की जाँच के लिए जाँच आयोग का गठन किया है.
इस आयोग को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है कि पिछले कुछ समय में राज्य में कथित रूप से हुई फर्ज़ी मुठभेड़ों और हिरासत में हुई मौतों की जाँच करे.
इस जाँच आयोग का दायित्व हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एमएल कौल संभालेंगे.
विधि मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक आदेश में कहा गया है कि जाँच आयोग उन कारणों, परिस्थितियों और विवादों को पता करने का काम करेगा जिनके चलते लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है.
ग़ौरतलब है कि पिछले महीनों राज्य में हुई मौतों को लेकर पुलिस और सेना फिर से विवादों के घेरे में आ गई है.
लोगों का आरोप है कि कुछ फर्ज़ी मुठभेड़ों और हिरासत में हुई मौत के मामलों में निर्दोष आम नागरिक मारे गए हैं.
आयोग इस तरह के मामलों में लिप्त पाए गए लोगों की ज़िम्मेदारी तय करने का भी काम करेगा. साथ ही सरकार ने आयोग से इस बारे में अपनी सिफारिशें और सुझाव देने के लिए भी कहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
सरकार ने आयोग को निर्देश दिए हैं कि अगले तीन महीनों की समयावधि में ही उसे अपना काम पूरा करके रिपोर्ट सौंप देनी है.