रविवार, 01 अप्रैल, 2007 को 12:52 GMT तक के समाचार
आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता, मथुरा से
संघ परिवार के एजेंडे में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद भले ही प्रमुख हो लेकिन मथुरा वृंदावन विधानसभा क्षेत्र के चुनावों में यह कोई मुद्दा नहीं है.
संघ परिवार जोर-शोर से अयोध्या, काशी और मथुरा के मुद्दे को उठाता रहा है.
भाजपा नेता भी मौजूदा चुनावों में राम जन्मभूमि के मुद्दे को मौक़ा मिलने पर उठाने से नहीं चूकते.
लेकिन मथुरा विधानसभा चुनावों में यह कोई मुद्दा नहीं है.
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के एकदम सामने डॉक्टर राजकुमार का नर्सिंग होम है. वो कहते हैं,'' श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा में कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा. यहाँ के चुनावों पर भावनात्मक के बजाए जातीय मुद्दे हावी रहते हैं.''
उनका कहना है कि चुनाव प्रचार शुरू हो गया है लेकिन अभी तक इस मुद्दे को लेकर किसी भी दल की ओर से कोई बयान नहीं आया है.
मुद्दा नहीं
विश्व हिंदू परिषद के नेता और श्रीकृष्ण जन्म संस्थान के प्रमुख ट्रस्टी गोपेश्वर चतुर्वेदी का कहना है कि लोगों को भाजपा सरकार से भावनात्मक और विचारात्मक मुद्दों पर निराशा हुई. उन्होंने हिंदुत्व के मुद्दे पर आशा के अनुरूप कार्य नहीं किया.
मथुरा में इस विषय के मुद्दा न बनने पर वो कहते हैं कि विहिप के एजेंडे में अभी राम जन्मभूमि का मुद्दा है और कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा उस तरह से नहीं उठाया जाता. साथ ही भाजपा का स्थानीय नेतृत्व इसे प्रखरता से नहीं उठाता.
आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएसए कॉलेज के प्रोफेसर अशोक बंसल भी कहते हैं कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि यहाँ कोई मुद्दा नहीं है.
उनका कहना है कि इस विवाद को लेकर शहर में न तो सामान्य दिनों में और न ही चुनावों के दौरान कोई हलचल होती है.
प्रोफेसर बंसल कहते हैं कि यह ज़रूर हैं कि शहर का मुस्लिम मतदाता भाजपा को हरानेवाले प्रत्याशी के पक्ष में एकजुट होकर मतदान करता है.
कांग्रेस के मौजूदा विधायक और पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप माथुर का कहना है कि लोगों को रोजी रोटी, अच्छी सड़कें, पानी और बिजली चाहिए. जनता को उन्माद और दंगे फसाद नहीं चाहिए इसलिए यह यहाँ कोई मुद्दा नहीं है.