रविवार, 01 अप्रैल, 2007 को 12:10 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों के बीच बारावफ़ात के जुलूस के दौरान हुई झड़पों में कुछ लोगों के घायल होने की ख़बर है.
वहीं कानपुर में हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं. घायलों में पुलिस वाले भी शामिल हैं.
राज्य के प्रमुख सचिव (गृह) चंद्रमौली ने बीबीसी के लिए मोहनलाल शर्मा को बताया कि कानपुर की हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
उन्होंने बताया कि कानपुर की घटना लखनऊ की घटना से ज़्यादा गंभीर है. वहाँ पुलिस और लोगों के बीच झड़प हुई जिसमें कम से कम आठ पुलिस वाले घायल हो गए हैं.
कानपुर के एडीएम (सिटी) भी इस झड़प में घायल हो गए हैं.
चंद्रमौली ने बीबीसी को बताया, "चुनाव के मद्देनज़र पहले से ही पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है इसलिए स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल नहीं बुलाना पड़ेगा. असामाजिक तत्वों की धरपकड़ भी जारी है. इन घटनाओं के बाद इसमें तेज़ी आएगी क्योंकि चुनाव की वजह से हम इसे और गंभीरता से ले रहे हैं."
शिया सुन्नी टकराव
उधर पुराने लखनऊ में हिंसक झड़प शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों के बीच उस वक्त हुई जब सुन्नी समुदाय के लोग अपना जुलूस लेकर जा रहे थे.
लखनऊ से मिल रही जानकारी के अनुसार शिया समुदाय के लोगों को सुन्नी समुदाय की ओर से जुलूस के दौरान प्रदर्शित किए जा रहे बैनरों पर आपत्ति थी. शायद इसी को लेकर विवाद भड़का.
दोनों ही जगहों से पथराव और पुलिस की ओर से बल प्रयोग की भी ख़बरें मिल रही हैं.
हालांकि उन्होंने बताया कि अब दोनों ही शहरों की बिगड़ी स्थिति को पुलिस ने पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है.
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया कि लखनऊ में दोनों समुदाय के नेताओं को बुलाकर सुलह करा दी गई है और जुलूस ईदगाह तक पहुँच गया है.