शनिवार, 31 मार्च, 2007 को 08:55 GMT तक के समाचार
आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता
उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की सख्ती के कारण विभिन्न दलों को प्रचार के नए तरीके ईजाद करने के लिए मजबूर कर दिया है.
समाजवादी पार्टी अमिताभ बच्चन का सहारा लिए हुए है. नेताजी यानी मुलायम सिंह के गढ़ इटावा में अमिताभ बच्चन के यूपी में दम है.. वाले बड़े होर्डिंग लगे हैं.
इसके जवाब में भाजपा ने अटल बिहारी वाजपेयी का सहारा लिया है तो बहुजन समाज पार्टी को मायावती का आसरा है.
चुनाव आयोग के प्रतिबंधों के कारण प्रचार अभियान ज्यादा नज़र नहीं आ रहा.
लेकिन चुनाव आयोग और उम्मीदवारों में डाल-डाल और पात-पात का खेल चल रहा है.
चुनाव आयोग के हर आदेश की तोड़ उम्मीदवार निकालने की कोशिश में लगे हैं.
पोस्टरों पर प्रतिबंध के कारण उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के स्थानीय अख़बारों में अपनी विज्ञप्तियाँ ख़बरों के रूप छपवाने लगाने लगे हैं.
ये विज्ञप्तियाँ मुफ़्त में नहीं बल्कि भुगतान करके छप रही हैं और आपके इन्हें देख कर अंदाज़ा नहीं लगा सकते कि ये विज्ञापन हैं कि ख़बरें.
कुछ उम्मीदवार ने तो नया रास्ता निकाला और वे साप्ताहिक समाचारपत्रों से सांठगांठ करने लगे हैं और ये अख़बार उनके परचे बन जाते हैं.
इन पर चुनाव आयोग का जोर नहीं चल रहा है. साथ ही इन पर हाथ डालने से प्रेस पर कुठाराघात का मुद्दा बनने का ख़तरा है.
नए नारे
चुनावी मौसम आता है तो नए नारों की शुरुआत भी हो जाती है. इस बार बहुजन समाज पार्टी की ओर से सबसे अधिक नारे सामने आए हैं.
बसपा ने तिलक, तराजू... जैसे नारों को ख़ारिज कर दिया है और उन्होंने पहले नारा दिया था- हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा, विष्णु, महेश है.
लेकिन फ़ीरोजाबाद की सभा में मायावती ने एक और नारा उछाला -चढ़ गुंडों की छाती पर बटन दबा तो हाथी पर.
मथुरा विधानसभा क्षेत्र से एक प्रत्याशी का नया नारा सामने आया है.
उनका नारा है, ‘आई ऐम नॉट द बेस्ट, बट आई ऐम द रिचेस्ट’ यानी मैं सबसे अच्छा प्रत्याशी नहीं हूँ लेकिन सबसे मालदार हूँ.
उनका आशय है कि यदि उन्हें चुना गया तो वो आर्थिक गोलमाल नहीं करेंगे.
भैयों का मौसम
उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक रघुराजप्रताप सिंह यानी राजा भैया ने 'भैया' शब्द लोकप्रिय कर दिया है.
इन चुनावों में जो उम्मीदवार यह बताना चाहते हैं कि वो राजा भैया से प्रेरित हैं और उनके दिखाए रास्ते के राही हैं, उन्होंने अपने नाम के बाद भैया शब्द लगाना शुरू कर दिया है.
मसलन मथुरा-वृदांवन विधानसभा क्षेत्र से कई उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने भैया शब्द लगाया है.
इसमें समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार शामिल हैं.