शनिवार, 31 मार्च, 2007 को 02:17 GMT तक के समाचार
नेपाल में माओवादियों के साथ मंत्रालयों के बँटवारे को लेकर समझौता हो गया है और संभावना है कि वे शनिवार को सरकार में शामिल हो जाएँगे.
ख़बरें हैं कि माओवादियों के पाँच मंत्री सरकार में शामिल किए जाएँगे.
हालांकि माओवादियों को वे सब मंत्रालय नहीं दिए जा रहे हैं जिनकी माँग वे कर रहे थे.
नेपाल की साझा सरकार के साथ हुए शांति समझौते के तहत माओवादियों ने हथियार छोड़कर राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं.
पिछले साल लंबे जनांदोलन के बाद राजा ज्ञानेंद्र ने संसद को बहाल करते हुए सत्ता राजनीतिक दलों को सौंप दी थी.
इसी के साथ माओवादियों को एक दशक पुराना विद्रोह भी ख़त्म हो गया था, जिसमें 13 हज़ार से भी अधिक लोगों की जानें गईं.
पाँच मंत्रालय
माओवादियों को संसद की सदस्यता पहले ही दी जा चुकी है और इसके बाद से उनको सरकार में शामिल किए जाने के लिए बातचीत चल रही थी.
अधिकारियों का कहना है कि आख़िरकार समझौता हो गया है और इसके तहत माओवादियों को पाँच मंत्रालय दिए जाने पर सहमति बन गई है.
अधिकारियों का कहना है कि इसके विवरण बाद में जारी किए जाएँगे.
नेपाल के इतिहास में पहली बार होगा जब माओवादी सरकार में शामिल होंगे और उनके साथ ही अंतरिम सरकार का गठन होगा.
इस अंतरिम सरकार के नेतृत्व में ही नेपाल में चुनाव होंगे. चुनाव इसी साल होने की संभावना है.
इसके अलावा एक संविधान सभा का गठन किया जाएगा जो यह तय करेगी कि नेपाल में किस तरह का संविधान होगा और राजशाही का कोई अस्तित्व रहेगा या नहीं.
ख़बरों के अनुसार नेपाल की तीन बड़े राजनीतिक दलों को पाँच-पाँच मंत्रालय दिए गए हैं.
इसमें प्रधानमंत्री कोइराला की नेपाली कांग्रेस पार्टी और माओवादियों की पार्टी भी शामिल है.
ख़बरें हैं कि माओवादियों को संचार, स्थानीय विकास और निर्माण जैसे पाँच मंत्रालय दिए गए हैं. हालांकि वे रक्षा और गृह जैसे मंत्रालयों की माँग कर रहे थे.
नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार सीके लाल का कहना है कि हालांकि जो मंत्रालय माओवादियों को दिए गए हैं उसमें काम करने की गुंजाइश पर्याप्त है लेकिन वे बहुत अहम मंत्रालय नहीं हैं.
उनका कहना है कि मंत्रालय को लेकर जो समझौता नेतृत्व ने किया है उससे माओवादी कार्यकर्ताओं को भी संतुष्ट करना होगा.