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शनिवार, 31 मार्च, 2007 को 17:47 GMT तक के समाचार

स्टे हटाने का उपाय करेगी सरकार

केंद्र सरकार का कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने संबंधी मामले में सुप्रीम कोर्ट के स्थगन को हटवाने का हरसंभव उपाय किया जाएगा.

एक ओर जहां क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने बेंगालुरु में कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में इस क़ानून का पूरा बचाव करेगी वहीं मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने यहां तक कह दिया कि इस मामले में स्टे हटवाने के लिए सभी संवैधानिक उपाय भी किए जा सकते हैं.

संवाद समिति पीटीआई के अनुसार अर्जुन सिंह ने कहा ' सुप्रीम कोर्ट ने इस क़ानून की हर बात ख़ारिज़ नहीं की है...हम स्टे हटवाने के लिए संवैधानिक उपायों का भी सहारा लेंगे. '

उन्होंने कहा कि इस मामले में अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम उनसे चर्चा कर रहे हैं और सरकार पूरे मामले मे कोर्ट से टकराव का रवैया नहीं अपनाना चाहती है.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों अन्य पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिए जाने पर यह कहते हुए फिलहाल रोक लगा दी थी कि सरकार के पास हाल के आकड़े हैं और नए आकड़ों के बाद ही इस संबंध में विचार किया जाए.

कई राजनीतिक दलों ने जहां कोर्ट के फ़ैसले की आलोचना की है वहीं आरक्षण विरोधी संगठनों ने इसका स्वागत किया है.

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं और इस मामले का ऐसे राज्य में चुनावों पर बड़ा असर पड़ सकता है जहां जाति आधार पर उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला होता हो.

क़ानून मंत्री भारद्वाज सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि न्यायिक समीक्षा की प्रक्रिया लोगों के हक में होनी चाहिए, उनके ख़िलाफ नहीं.

भारद्वाज ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के कार्यकाल में भूमि सुधार क़ानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क़ानून पर भी सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया था.

उनका कहना था कि सरकार ओबीसी आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट में बेहतरीन वकीलों की मदद लेगी और ताकि स्टे हटाया जाए.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी को 27 फ़ीसदी आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फ़ैसले को आगामी शैक्षणिक सत्र में लागू करने पर रोक लगा दी है.